॥ श्रीहरिहरपुत्र मालामन्त्रः ॥

ॐ नमो भगवते रुद्रकुमाराय हरिहरपुत्राय आर्याय हाटकाचलकोटि मधुरसार महाहृदयाय हेमजाम्बूनदनवरत्न सिंहासनाधिष्ठिताय वैडूर्यमणिमण्टपक्रीडागृहाय लाक्षाकुङ्कुमजपाविद्युत् तुल्यप्रभाय प्रसन्नवदनाय उन्मत्त चूडाकलितलोलमाल्य वृतवक्षःस्तंभमणिपादुकमण्टपाय प्रस्फंरन्ंअनिमण्डितोपकर्णाय पूर्णालङ्कार बन्धुरदन्तिनिरीक्षिताय कदाचित् कोटिवाद्यातिशायिनिरन्तर जयशब्दमुखरनारदादि देवर्षि शक्रप्रमुखलोकपालतिलकोत्तमाय दिव्यास्त्रपरिसेविताय गोरोचनागरु कर्पूर श्रीगन्ध प्रलेपिताय विश्वावसु प्रधानगन्धर्वसेविताय पूर्णापुष्कलोभय पार्श्वसेविताय सत्यसन्धाय महाशास्त्रे नमः ॥ मां रक्ष रक्ष, भक्तजनान् रक्ष रक्ष, मम शत्रून् शीघ्रं मारय मारय, भूतप्रेतपिशाचब्रह्मराक्षस यक्षगन्धर्व परप्रेषिताभिचारकृत्यारोग प्रतिबन्धक समस्त दुष्ट्ग्रहान् मोचय मोचय , आयुर्वित्तं देहि मे स्वाहा ॥ सकल देवता आकर्षयाकर्षय उच्चाटयोच्चाटय स्तंभय स्तंभय मम शत्रून् मारय मारय सर्वजनं मे वशमानय वशमानय संमोहय संमोहय सदाऽऽरोग्यं कुरु कुरु स्वाहा ॥ १ ॐ घ्रूं असिताङ्गाय महावीरपराक्रमाय गदाधराय धूम्रनेत्राय दंष्ट्राकराळाय मालाधराय नीलाम्बराय सर्वापद्घ्ने सर्वभयापघ्ने शिवपुत्राय कृद्धाय कृपाकराय स्वाहा ॥ २ Encoded and proofread by Antaratma antaratma at Safe-mail.net

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% Language              : Sanskrit
% Subject               : Hinduism/religion/traditional
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% Latest update         : April 23, 2008
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