॥ लघु राघवेन्द्रस्तोत्र ॥

॥ लघुराघवेंद्रस्तुतिः ॥ पूज्याय राघवेंद्राय सत्यधर्मरताय च । भजतां कल्पवृक्षाय नमतां कामधेनवे ॥ १॥ दुर्वादिध्वांतरवये वैष्णवींदीवरींदवे । नमो श्री राघवेंद्रगुरवे नमोऽत्यंतदयाळुवे ॥ २॥ श्रीसुधींद्राब्धिसंभूतान् राघवेंद्रकलानिधीन् । सेवे सज्ञानसौख्यार्थं संतापत्रय शांतये ॥ ३॥ अघं द्रावयते यस्माद्वेंकारो वाञ्छितप्रदः । राघवेंद्रयतिस्तस्माल्लोके ख्यातो भविष्यति ॥ ४॥ व्यासेन व्याप्तबीजः श्रुतिभुवि भगवत्पादलब्धाङ्कुरश्रीः । प्रत्नैरीषत्प्रभिन्नोऽजनि जयमुनिना सम्यगुद्भिन्नशाखः । मौनीशव्यासराजादुदित किसलयः पुष्टितोऽयं जयेंद्राद् । अद्य श्री राघवेंद्राद्विलसति फलितो मध्वसिद्धांतशाखी ॥ ६॥ इति श्री लघुराघवेंद्रस्तुतिः सम्पूर्णम् ॥ भारतीरमणमुख्यप्राणांतर्गत श्रीकृष्णार्पणमस्तु ॥ Encoded and proofread by Shrisha Rao shrao at dvaita.org

% Text title            : laghu rAghavendra stotra
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% Subject               : philosophy/hinduism/religion
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% Latest update         : November 1, 2010
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