॥ श्रीशिवाष्टकम् ३ ॥

तस्मै नमः परमकारणकारणाय दीप्तोज्ज्वलज्वलितपिङ्गललोचनाय ॥ नागेन्द्रहारकृतकुण्डलभूषणाय ब्रह्मेन्द्रविष्णुवरदाय नमः शिवाय ॥ १॥ श्रीमत्प्रसन्नशशिपन्नगभूषणाय शैलेन्द्रजा वदन चुम्बितलोचनाय ॥ कैलासमन्दिरमहेन्द्रनिकेतनाय लोकत्रयार्तिहरणाय नमः शिवाय ॥ २॥ पद्मावदातमणिकुण्डलगोवृषाय कृष्णागरुप्रचुरचन्दनचर्चिताय ॥ भस्मानुषक्तविकचोत्पलमल्लिकाय नीलाब्जकण्ठसदृशाय नमः शिवाय ॥ ३॥ लम्बत्सपिङ्गल जटामुकुटोत्कटाय दंष्ट्राकरालविकटोत्कटभैरवाय ॥ व्याघ्राजिनाम्बरधराय मनोहराय त्रैलोक्यनाथ नमिताय नमः शिवाय ॥ ४॥ दक्षप्रजापतिमहामखनाशनाय क्षिप्रं महात्रिपुरदानवघातनाय ॥ ब्रह्मोर्जितोर्ध्वगकरोटिनिकृन्तनाय योगाय योगनमिताय नमः शिवाय ॥ ५॥ संसारसृष्टिघटनापरिवर्तनाय रक्षः पिशाचगणसिद्धसमाकुलाय ॥ सिद्धोरगग्रह गणेन्द्रनिषेविताय शार्दूल चर्मवसनाय नमः शिवाय ॥ ६॥ भस्माङ्गरागकृतरूपमनोहराय सौम्यावदातवनमाश्रितमाश्रिताय ॥ गौरीकटाक्षनयनार्ध निरीक्षणाय गोक्षीरधारधवलाय नमः शिवाय ॥ ७॥ आदित्यसोमवरुणानिलसेविताय यज्ञाग्निहोत्रवरधूमनिकेतनाय ॥ ऋक्सामवेदमुनिभिः स्तुतिसंयुताय गोपाय गोपनमिताय नमः शिवाय ॥ ८॥ शिवाष्टकमिदं पुण्यं यः पठेत् शिवसन्निधौ शिवलोकमवाप्नोति शिवेन सह मोदते ॥ श्री शंकराचार्यकृतं शिवाष्टकं सम्पूर्णम् । Encoded and proofread by DPD

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% engtitle              : shivAShTakam 3 by Adi ShankarAcharya
% Category              : aShTaka
% Location              : doc_shiva
% Sublocation           : shiva
% Author                : Adi Shankaracharya
% Language              : Sanskrit
% Subject               : philosophy/hinduism/religion
% Transliterated by     : DPD
% Proofread by          : DPD
% Indexextra            : version 3 tasmai namaH
% Latest update         : January 23, 2010
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