॥ श्रीयादगिरि लक्ष्मीनृसिंह मङ्गळाशासनम् ॥

श्री यादगिरि शृंगाग्र गुहामध्य विहारिणे सर्वलोकेश्वरायास्तु श्री नृसिंहाय मङ्गळम् ॥ १ ॥ वामाङ्क विलसल्लक्ष्मीबन्धवे लोकबंधवे सूरिभोग्याय यादाद्रि श्री नृसिंहाय मङ्गळम् ॥ २ ॥ शङ्ख चक्र प्रभामध्य राजद्विमलमूर्तये श्री यादगिरिवासाय श्री नृसिंहाय मङ्गळम् ॥ ३॥ गुहानिवसनात्सर्व हृद्गुहावास सूचनम् कुर्वते सर्वलोकानाम् यादाद्रीशाय मङ्गळम् ॥ ४॥ नित्याय निरवद्याय नित्यवैभवशालिने नित्यवैभव दात्रेच श्री नृसिंहाय मङ्गळम् ॥ ५॥ साधुलोक शरण्याय कामितार्त प्रदायिने आर्तार्ति हरणायास्तु श्री नृसिंहाय मङ्गळम् ॥ ६॥ भुक्तिमुक्ति प्रदात्रेच शक्ति भक्ति प्रदायिने निर्वाण सुखरूपाय श्री नृसिंहाय मङ्गळम् ॥ ७॥ जगत्कर्त्रे जगत्भोक्ते जगद्रूपाय वेदसे जगताञ्च निवासाय यादाद्रीशाय मङ्गळम् ॥ ८॥ अनेक कोटि ब्रह्माण्डैऽ`ः कंदुका क्रीडलीलया केळीविलासलोलाय श्री नृसिंहाय मङ्गळम् ॥ ९॥ सुरासुर नरानाम् च वानरानाम् च पक्षिनाम् दीनानाम् रक्षकायास्तु श्री नृसिंहाय मङ्गळम् ॥ १०॥ दुश्टानाम् निग्रहम् चैव् शिष्टानाम् परिपालनम् युगपत् कुर्वते लक्ष्मीनरसिंहाय मङ्गळम् ॥ ११॥ प्रपञ्च वृक्षबीजाय निष्प्रपञ्चाय मायिने मायापनोदकायास्तु श्री नृसिंहाय मङ्गळम् ॥ १२॥ संतान दान दीक्षाय संतानाय फलार्तिनाम् कौसल्या मुख्य संतानरूपिणे शुभमङ्गळम् ॥ १३॥ मङ्गळम् नरसिंहाय मङ्गळम् गुणसिंधवे मङ्गळानाम् निवासाय यादाद्रीशाय मङ्गळम् ॥ १४॥ ॥ इति श्री वांगीपुरम् नरसिंहाचार्य विरचितं श्री यादगिरि लक्ष्मीनृसिंह मङ्गळाशासनम् समाप्तम् ॥ Encoded and proofread by Venkata N Vangeepuram vangeepuram@rediffmail.com
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% Texttype              : stotra
% Author                : vA.ngIpuram narasi.nhAchArya
% Language              : Sanskrit
% Subject               : philosophy/hinduism/religion
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% Proofread by          : Venkata N Vangeepuram vangeepuram at rediffmail.com Great grandson of the composer
% Latest update         : December 15, 2004
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