॥ तारा प्रत्यङ्गिराकवचम् ॥

ॐ प्रत्यङ्गिरायै नमः ईश्वर उवाच - ॐ तारायाः स्तम्भिनी देवी मोहिनी क्षोभिनी तथा । हस्तिनी भ्रामिनी रौद्री संहारण्यापि तारिणी ॥ १॥ शक्तयोहष्टौ क्रमादेता शत्रुपक्षे नियोजिताः । धारिता साधकेन्द्रेण सर्वशत्रु निवारिणी ॥ २॥ ॐ स्तम्भिनी स्त्रें स्त्रें मम शत्रुन् स्तम्भय स्तम्भय ॥ ३॥ ॐ क्षोभिनी स्त्रें स्त्रें मम शत्रुन् क्षोभय क्षोभय ॥ ४॥ ॐ मोहिनी स्त्रें स्त्रें मम शत्रुन् मोहय मोहय ॥ ५॥ ॐ जृम्भिनी स्त्रें स्त्रें मम शत्रुन् जृम्भय जृम्भय ॥ ६॥ ॐ भ्रामिनी स्त्रें स्त्रें मम शत्रुन् भ्रामय भ्रामय ॥ ७॥ ॐ रौद्री स्त्रें स्त्रें मम शत्रुन् सन्तापय सन्तापय ॥ ८॥ ॐ संहारिणी स्त्रें स्त्रें मम शत्रुन् संहारय संहारय ॥ ९॥ ॐ तारिणी स्त्रें स्त्रें सर्वपद्भ्यः सर्वभूतेभ्यः सर्वत्र रक्ष रक्ष मां स्वाहा ॥ १०॥ य इमां धारयेत् विद्यां त्रिसन्ध्यं वापि यः पठेत् । स दुःखं दूरतस्त्यक्त्वा ह्यन्याच्छ्त्रुन् न संशयः ॥ ११॥ रणे राजकुले दुर्गे महाभये विपत्तिषु । विद्या प्रत्यङ्गिरा ह्येषा सर्वतो रक्षयेन्नरं ॥ १२॥ अनया विद्यया रक्षां कृत्वा यस्तु पठेत् सुधी । मन्त्राक्षरमपि ध्यायन् चिन्तयेत् नीलसरस्वतीं । अचिरे नैव तस्यासन् करस्था सर्वसिद्धयः ॐ ह्रीं उग्रतारायै नीलसरस्वत्यै नमः ॥ १३॥ इमं स्तवं धीयानो नित्यं धारयेन्नरः । सर्वतः सुखमाप्नोति सर्वत्रजयमाप्नुयात् ॥ १४॥ नक्कापि भयमाप्नोति सर्वत्रसुखमाप्नुयात् ॥ १५॥ इति रुद्रयामले श्रीमदुग्रतराया प्रत्यङ्गिरा कवचं समाप्तम् ॥
This piece of verse from Rudrayamalam does not look like a kavacha , rather looks like a stotra. But this a kavacha. All kavacha of Mahavidya coupled with Pratyingira is of this form. It is not a Abhicharik kavacha and should not be misused for Abhicharik karma (malevolent practices). Rather ᳚Shatru᳚ in this kavacha refers to inner senses of Sadhak, which refrains him/her from watching the divine light. - A note.
% Text title            : tArApratyangirA kavacha
% File name             : tArApratyangirA.itx
% itxtitle              : tArA pratyaNgirAkavacham
% engtitle              : tArA pratyangirA kavacham
% Category              : kavacha, devii, dashamahAvidyA
% Location              : doc_devii
% Sublocation           : devii
% SubDeity              : dashamahAvidyA
% Language              : Sanskrit
% Subject               : Hinduism/religion/traditional
% Transliterated by     : KM
% Proofread by          : KM
% Latest update         : May 9, 2006
% Send corrections to   : Sanskrit@cheerful.com
% Site access           : https://sanskritdocuments.org

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