.. तैत्तिरीयारण्यकम् ..
ॐ भ' द्रं कर्णे' भिः शृणु' याम' देवाः. भ' द्रं प' श्येमा' क्षभि' र्यज' त्राः.
स्थि' रैरङ्गै"स्तुष्टु' वाँस' स्त' नूभि' ः. व्यशे' म दे' वहि' त' ं यदायु' ः.
स्व' स्ति न' इन्द्रो' वृ' द्धश्र' वाः. स्व' स्ति न' ः पू' षा वि' श्ववे' दाः.
स्व' स्ति न' स्तार्क्ष्यो' अरि' ष्टनेमिः. स्व' स्ति नो' बृह' स्पति' र्दधातु..
ॐ शान्ति' ः शान्ति' ः शान्ति' ः ..
ॐ भ' द्रं कर्णे' भिः शृणु' याम' देवाः. भ' द्रं प' श्येमा' क्षभि' र्यज' त्राः.
स्थि' रैरङ्गै"स्तुष्टु' वाँस' स्त' नूभि' ः. व्यशे' म दे' वहि' त' ं यदायु' ः.
स्व' स्ति न' इन्द्रो' वृ' द्धश्र' वाः. स्व' स्ति न' ः पू' षा वि' श्ववे' दाः.
स्व' स्ति न' स्तार्क्ष्यो' अरि' ष्टनेमिः. स्व' स्ति नो' बृह' स्पति' र्दधातु.
आप' मापाम' पः सर्वा"ः. अ' स्माद' स्मादि' तोऽमुत' ः .. १ ..
अ' ग्निर्वा' युश्च' सूर्य' श्च. स' ह स' ंचस्क' रर्द्धि' या.
वा' य्वश्वा' रश्मि' पत' यः. मरी"च्यात्मनो' अद्रु' हः.
दे' वीर्भु' वन' सूव' रीः. पु' त्र' व' त्वाय' मे सुत.
महानाम्नीर्म' हामा' नाः. म' ह' सो म' हस' स्स्व' ः.
दे' वीः प' र्जन्य' सूव' रीः. पु' त्र' व' त्वाय' मे सुत .. २ ..
अ' पाश्न्यु' ष्णिम' पा रक्ष' ः. अ' पाश्न्यु' ष्णिम' पारघम्".
अपा"घ्रा' मप' चा' वर्तिम्". अप' दे' वीरि' तो हि' त.
वज्र' ं दे' वीरजी' ताँश्च. भुव' नं देव' सूव' रीः.
आ' दि' त्यानदि' तिं दे' वीम्. योनि' नोर्ध्वमु' दीष' त .
शि' वान' श्शन्त' मा भवन्तु. दि' व्या आप' ओष' धयः.
सु' मृ' डी' का सर' स्वती. मा ते' व्यो' म स' ंदृशि' .. ३ ..
स्मृति' ः प्र' त्यक्ष' मैति' ह्यम्". अनु' मानश्चतुष्ट' यम्.
ए' तैरादि' त्यमण्दलम्. सर्वै' रेव' विद्या"स्यते.
सूर्यो' मरी' चि' माद' त्ते. सर्वस्मा"द्भुव' नाद' धि.
तस्याः पाकवि' शेषे' ण. स्मृ' तं का' लवि' शेष' णम्.
न' दीव' प्रभ' वात्का' चित्. अ' क्षय्या"त्स्यन्द' ते य' था .. ४ ..
तान्नद्योऽभिस' माय' न्ति. सो' रुस्सती' न नि' व' र्तते ए' वन्ना' नास' मुत्था' नाः.
का' लास्स' ंवत्स' रँ श्रि' ताः. अणुशश्च म' हश' श्च.
सर्वे' समव' यन्त्रि' तम्. सतै' स्स' र्वैस्स' मावि' ष्टः.
ऊ' रुस्स' न्न नि' वर्त' ते अधिसंवत्स' रं वि' द्यात्. तदेव' लक्ष' णे .. ५ ..
अणुभिश्च म' हद्भि' श्च. स' मारू' ढः प्र' दृश्य' ते.
संवत्सरः प्र' त्यक्षे' ण. ना' धिस' त्वः प्र' दृश्य' ते.
प' टरो' विक्लि' धः पि' ङ्गः. ए' तद्व' रुण' लक्ष' णम्.
यत्रैत' दुप' दृश्य' ते. स' हस्र' ं तत्र' नीय' ते.
एकँहि शिरो ना' ना मु' खे. कृ' त्स्नम् त' दृतु' लक्ष' णम् .. ६ ..
उभयतस्सप्ते"न्द्रिया' णि. ज' ल्पित' ं त्वेव' दिह्य' ते.
शुक्लकृष्णे संव' त्सर' स्य. दक्षिणवाम' योः पा' र्श्वयोः.
तस्यै' षा भव' ति. शु' क्रं ते' अ' न्यद्य' ज' तं ते' अ' न्यत्.
विषु' रूपे' अह' नी' द्यौरि' वासि. विश्वा' हि मा' या अव' सि स्वधावः.
भ' द्रा ते' पूषन्नि' ह रा' तिर' स्त्विति' . नात्र' भुव' नम्. न पू' षा.
न प' शव' ः. नादित्यस्संवत्सर एव प्रयक्षेण प्रियत' मं वि' द्यात्.
एतद्वै संवत्सरस्य प्रियत' मँ रू' पम्. योऽस्य महानर्थ उत्पत्स्यमा' नो भ' वति.
इदं पुण्यं कु' रुष्वे' ति. तमाहर' णं द' द्यात् .. ७ ..
सा' क' ंजानाँ' स' प्तथ' माहुरेक' जम्. षडु' द्य' मा ऋष' यो देव' जा इति' .
तेषा' मि' ष्टानि' विहि' तानि धाम' शः. स्था' त्रे रे' जन्ते' विकृ' तानि रूप' शः
को नु' मर्या' अमि' थितः. सखा' सखा' यमब्रवीत्.
जहा' को अ' स्म दी' षते. यस्ति' त्याज' सखि' विद' ँ' सखा' याम्.
न तस्य' वा' च्यपि' भा' गो अ' स्ति. यदीँ' शृ' णोत्य' लकँ' शृणोति .. ८ ..
न हि प्र' वेद' सुकृ' तस्य' पन्था' मिति' . ऋ' तुरृ' तुना नु' द्यमा' नः.
विन' नादा' भिधा' वः. षष्टिश्च त्रिँश' का व' ल्गाः.
शु' ककृ' ष्णौ च' षष्टि' कौ. सारा' ग' व' स्त्रैर्ज' रद' क्षः.
व' स' न्तो वसु' भिस्स' ह स' ंव' त्स' रस्य' सवि' तुः.
प्रै' ष' कृत्प्र' थ' मः स्मृ' तः. अ' मूना' दय' तेएत्य' न्यान् .. ९ ..
अ' मूँश्च' परि' रक्ष' तः. ए' ता वा' चः प्र' युज्य' न्ते.
यत्रैत' दुप' दृश्य' ते. ए' तदे' व वि' जानी' यात्.
प्र' माण' ं काल' प' र्यये. वि' शे' ष' णं तु' वक्ष्या' मः.
ऋ' तूना"ं तन्नि' बोध' त. शुक्लवासा' रुद्र' गणः.
ग्री' ष्मेणा' ऽऽवर्त' ते स' ह. नि' जह' न् पृथि' वीँ स' र्वाम् .. १० ..
ज्यो' तिषा"ऽप्रति' ख्येन' सः. वि' श्व' रू' पणि' वासा' ँ' सि.
आ' दि' त्याना"ं नि' बोध' त. संवत्सरीण' ं कर्म' फलम्.
वर्षाभिर्द' दता' ँ' सह. अदुःखो' दुःखच' क्षुरि' व.
तद्मा' ऽऽपीत इव' दृश्य' ते. शीतेना"व्यथ' यन्नि' व.
रु' रुद' क्ष इव' दृश्य' ते. ह्लादयते" ज्वल' तश्चै' व.
शा' म्यत' श्चास्य' चक्षु' षी. या वै प्रजा भ्र' ँश्य' न्ते.
संवत्सरात्ता भ्र' ँश्य' न्ते. या' ः प्रति' तिष्ठ' न्ति.
संवत्सरे ताः प्रति' तिष्ठ' न्ति. व' र्षाभ्य इत्य' र्थः .. ११ ..
अक्षि' दु' ःखोत्थि' तस्यै' व. वि' प्रस' न्ने क' नीनि' के.
आङ्क्तेचाद्ग' णं ना' स्ति. ऋ' भूणा"ं तन्नि' बोध' त.
क' न' का' भानि' वासा' ँ' सि. अ' हता' नि नि' बोधत.
अन्नमश्नीत' मृज्मी' त. अ' हं वो' जीव' नप्र' दः.
ए' ता वा' चः प्र' युज्य' न्ते. श' रद्य' त्रोप' दृश्य' ते .. १२ ..
अभिधून्वन्तोऽभिघ्न' न्त इ' व. वा' तव' न्तो म' रुद्ग' णाः.
अमुतो जेतुमिषुमु' खामि' व. सन्नद्धास्सह द' दृशे' ह.
अपध्वस्तैर्वस्तिव' र्णैरि' व. वि' शि' खास' ः कप' र्दिनः.
अक्रुद्धस्य योत्स्य' मान' स्य. क्रु' द्धस्ये' व' लोहि' नी.
हेमतश्चक्षु' षी वि' द्यात्. अ' क्ष्णयो"ः क्षिप' णोरि' व .. १३ ..
दुर्भिक्षं देव' लोके' षु. म' नूना' मुद' कं गृ' हे.
ए' ता वा' चः प्र' वद' न्तीः. वै' द्युतो' यान्ति' शैशि' रीः.
ता अ' ग्निः पव' मना' अन्वै"क्षत. इ' ह जी' वि' कामप' रिपश्यन्.
तस्यै' षा भव' ति. इ' हेह' वस्स्वत' पसः.
मरु' त' स्सूर्य' त्वचः. शर्म' स' प्रथा' आवृ' णे .. १४ ..
अति' ता' म्राणि' वासा' ँ' सि. अ' ष्टिव' ज्रिश' तघ्नि' च.
विश्वे देवा विप्र' हर' न्ति. अ' ग्निजि' ह्वा अ' सश्च' त.
नैव देवो' न म' र्त्यः. न राजा व' रुणो' विभुः.
नाग्निर्नेन्द्रो न प' वमा' नः. मा' तृक्क' च्चन' विद्य' ते.
दि' व्यस्यैका' धनु' रार्त्निः. पृ' थि' व्यामप' रा श्रि' ता .. १५ ..
तस्येन्द्रो वम्रि' रूपे' ण. ध' नुर्ज्या' मछि' नथ्स्व' यम्.
तदि' न्द्र' धनु' रित्य' ज्यम्. अ' भ्रव' र्णेषु' चक्ष' ते.
एतदेव शंयोर्बार्ह' स्पत्य' स्य. ए' तद्रु' द्रस्य' धनुः.
रु' द्रस्य' त्वेव' धनु' रार्त्निः. शिर' उत्पि' पेष.
स प्र' व' र्ग्यो' ऽभवत्. तस्मा' द्यस्सप्र' व' र्ग्येण' य' ज्ञेन' यज' ते.
रु' द्रस्य' स शिर' ः प्रति' दधाति. नैनँ' रु' द्र आरु' को भवति. य ए' वं वेद' .. १६ ..
अ' त्यू' र्ध्वा' क्षोऽति' रश्चात्. शिशि' रः प्र' दृश्य' ते.
नैव रूपं न' वासा' ँ' सि. न चक्षु' ः प्रति' दृश्य' ते.
अ' न्योन्य' ं तु न' हिँस्रा' तः. स' तस्त' द्देव' लक्ष' णम्.
लोहितोऽक्ष्णि शा' रशी' र्ष्णिः. सू' र्यस्यो' दय' नं प्र' ति.
त्वं करेषि' न्यञ्ज' लिकाम्. त्व' ं करो' षि नि' जानु' काम् .. १७ ..
निजानुकामे"न्यञ्ज' लिका. अमी वाचमुपास' तामि' ति.
तस्मै सर्व ऋतवो' नम' न्ते. मर्यादाकरत्वात्प्र' पुरो' धाम्.
ब्राह्मण' आप्नो' ति. य ए' वं वे' द. स खलु संवत्सर एतैस्सेनानी' भिस्स' ह.
इन्द्राय सर्वान्कमान' भिव' हति. स द्र' प्सः. तस्यै' षा भव' ति .. १८ ..
अव' द्र' प्सो अँ' शु' मती' मतिष्ठत्. इ' या' नः कृ' ष्णो द' शभि' स्स' हस्रै"ः.
आव' र्तमिन्द्र' ः शच्या' धम' न्तम्. उप्स्नुहि तं नृमणामथ' द्रामि' ती.
एतयैवेन्द्रः सलावृ' क्या स' ह. असुरान् प' रिवृ' श्चति.
पृथि' व्य' ँ' शुम' ती. ताम' न्वव' स्थितः संवत्स' रो दि' वं च' .
नैवं विदुषाऽऽचार्या"न्तेवा' सिनौ. अन्योन्यस्मै" द्रुह्या' ताम्. यो द्रु' ह्यति.
भ्रश्यते स्व' र्गाल्लो' कात्. इत्यृतुम' ण्डला' नि.
सूर्यमण्डला"न्याख्या' यिकाः. अत ऊर्ध्वँ सनि' र्व' चनाः ..१९ ..
आरोगो भ्राजः पटर' ः पत' ङ्गः. स्वर्णरो ज्योतिषिमान्' विभा' सः.
ते अस्मै सर्वे दिवमा' तप' न्ति. ऊर्जं दुहाना अनपस्फुर' न्त इ' ति.
कश्य' पोऽष्ट' मः. स महामेरुं न' जहा' ति.
तस्यै' षा भव' ति. यत्ते' शिल्पं' कश्यप रोच' नाव' त्.
इ' न्द्रि' याव' त्पुष्क' लं चि' त्रभाअ' नु. यस्मि' न्त्सूर्या' अर्पि' तास्स' प्त सा' कम् .. २० ..
तस्मिन् राजानमधिविश्रये' ममि' ति. ते अस्मै सर्वे कश्यपाज्ज्य् ओति' र्लभ' न्ते.
तान्त्सोमः कश्यपादधि' निर्द्ध' मति. भ्रस्ताकर्मकृ' दिवै' वम्.
प्राणो जीवानीन्द्रिय' जीवा' नि. सप्त शीर्ष' ण्याः प्रा' णाः.
सूर्या इ' त्याचा' र्याः. अपश्यमहमेतन्त्सप्त सू"र्यानि' ति.
पञ्चकर्णो' वात्स्या' यनः. सप्तकर्ण' श्च प्ला' क्षिः .. २१ ..
आनुश्राविक एव नौ कश्य' प इ' ति. उभौ' वेद' यिते.
न हि शेकुमिव महामे' रुं ग' न्तुम्. अपश्यमहमेत्सूर्यमण्डल.म् परिव' र्तमा' नम्.
गा' र्ग्यः प्राणत्रा' तः. गच्छन्त म' हामे' रुम्. एक' .म् चाज' हतम्.
भ्राजपटरपत' ङ्गा नि' हने. तिष्ठन्ना' तप' न्ति. तस्मा' दि' ह तप्त्रि' तपाः .. २२ ..
अ' मुत्रे' तरे. तस्मा' दि' हातप्त्रि' तपाः. तेषा' मेषा' भव' ति.
स' प्त सूर्या' दिव' मनु' प्रवि' ष्टाः. तान' न्वेति' प' थिभि' र्दक्षि' णावान्' .
ते अस्मै सर्वे घृतमा' तप' न्ति. ऊर्जं दुहाना अनपस्फुर' न्त इ' ति.
सप्तर्त्विजस्सूर्या इ' त्याचा' र्याः. तेषा' मेषा' भव' ति. स' प्त दिशो' नाना' सूर्याः .. २३ ..
स' प्त होता' र ऋ' त्विज' ः. देवा आदित्या' ये स' प्त.
तेभिस्सोमा"भीरक्ष' ण इ' ति. तद' प्याम्ना' यः.
दिग्भ्राज ऋतू"न् करो' ति. एत' यैवा' वृता सहस्रसूर्यताया इति वै' शंपा' यनः.
तस्यै' षा भव' ति. यद्द्याव' इन्द्र ते श' तँ' श' तं भूमी"ः.
उ' तस्युः. नत्वा' वज्रिन् स' हस्र' ँ' सूर्या' ः .. २४ ..
अनुनजातमष्ट रोद' सी इ' ति. नानालिङ्गत्वादृतूनां नाना' सूर्य' त्वम्.
अष्टौ तु व्यवसि' ता इ' ति. सूर्यमण्डलान्यष्टा' त ऊ' र्ध्वम्.
तेषा' मेषा' भव' ति. चि' त्रं दे' वाना' मुद' गा' दनी' कम्.
चक्षु' र्मि' त्रस्य' वरु' णस्या' ग्ने. आप्रा' द्यावा' पृथि' वी अ' न्तरि' क्षम्.
सूर्य आत्मा जगतस्तस्थु' षश्चे' ति ..२५ ..
क्वेदमभ्र' न्निवि' शते. क्वायँ' संवत्स' रो मि' थः.
क्वाहः क्वेयन्दे' व रा' त्री. क्व मासा ऋ' तव' ः श्रिताः.
अर्द्धमासा' मुहू' र्ताः. निमेषास्तु' टिभि' स्सह.
क्वेमा आपो नि' विश' न्ते. य' दीतो' यान्ति' संप्र' ति.
काला अप्सुनि' विश' न्ते. आ' पस्सूर्ये' स' माहि' ताः .. २६ ..
अभ्रा"ण्यपः प्र' पद्य' न्ते. वि' द्युत्सूर्ये' स' माहि' ता.
अनवर्णे इ' मे भू' मी. इ' यं चा' ऽसौ च' रोद' सि.
किँस्विदत्रान्त' रा भू' तम्. ये' नेमे वि' धृते' उभे.
वि' ष्णुना' विधृ' ते भू' मी. इ' ति व' त्सस्य' वेद' ना.
इरा' वती धेनु' मती' हि भू' तम्. सू' य' व' सिनी' मनु' षे दश' स्ये" .. २७ ..
व्य' ष्टभ्ना' द्रोद' सी' विष्ण' वे' ते. दा' धर्थ' पृथि' वीम' भितो' म' यूखै"ः.
किन्तद्विष्णोर्ब' लमा' हुः. का' दीप्ति' ः किं प' राय' णम्.
एको' य' द्धार' यद्दे' वः. रे' जती' रोद' सी उ' भे.
वाताद्विष्णोर्ब' लमा' हुः. अ' क्षरा"द्दीप्ति' रुच्य' ते.
त्रि' पदा' द्धार' यद्दे' वः. यद्विष्णो' रेक' मुत्त' मम् .. २८ ..
अ' ग्नयो' वाय' वश्चै' व. ए' तद' स्य प' राय' णम्.
पृच्छामि त्वा प' रं मृ' त्युम्. अ' वम' ं मध्य' मञ्च' तुम्.
लो' क्ञ्च' पुण्य' पापा' नाम्. ए' तत्पृ' च्छामि' संप्र' ति.
अ' मुमा' हुः प' रं मृ' त्युम्. प' वमा' नं तु' मध्य' मम्.
अ' ग्निरे' वाव' मो मृ' त्युः. च' न्द्रमा"श्चतु' रुच्य' ते .. २९ ..
अ' ना' भो' गाः प' रं मृ' त्युम्. पा' पास्स' ंयन्ति' सर्व' दा.
आभोगास्त्वेव' संय' न्ति. य' त्र पु' ण्यकृ' तो ज' नाः.
ततो' म' ध्यम' माय' न्ति. च' तुम' ग्निं च' संप्र' ति.
पृच्छामि त्वा' पाप' कृतः. य' त्र या' तय' ते य' मः.
त्वन्नस्तद्ब्रह्म' न् प्रब्रू' हि. य' दि वे"त्थाऽस' तो गृ' हन् .. ३० ..
क' श्यपा' दुदि' तास्सू' र्याः. पा' पान्नि' र्घ्नन्ति' सर्व' दा.
रोदस्योन्त' र्देशे' षु. तत्र न्यस्यन्ते' वास' वैः.
तेऽशरीराः प्र' पद्य' न्ते. य' थाऽपु' ण्यस्य' कर्म' णः.
अपा"ण्य' पाद' केशा' सः. त' त्र ते' योनि' जा ज' नाः.
मृत्वा पुनर्मृत्युमा' पद्य' न्ते. अ' द्यमा' नास्स्व' कर्म' भिः .. ३१ ..
आशातिकाः क्रिम' य इ' व. ततः पूयन्ते' वास' वैः अपै' तं मृ' त्युं ज' यति.
य ए' वं वेद' . स खल्वैवं' विद्ब्रा' ह्मणः. दी' र्घश्रु' त्तमो' भवति.
कश्य' प' स्याति' थि' स्सिद्धग' मन' स्सिद्धग' मनः. तस्यै' षा भव' ति.
आयस्मि"न्थ्स' प्त वा' स' वाः. रोह' न्ति पू' र्व्या' रुह' ः .. ३२ ..
ऋषि' र् ह दीर्घ' श्रुत्त' मः. इन्द्रस्य घर्मो अति' थिरि' ति.
कश्यपः पश्य' को भ' वति. यत्सर्वं परिपश्यती' ति सौ' क्ष्म्यात्.
अथाग्ने' रष्टपु' रुष' स्य. तस्यै' षा भव' ति.
अग्ने' नय' सु' पथा' रा' ये अ' स्मान्. विश्वा' नि देव व' युना' नि वि' द्वान्.
यु' यो' ध्य' स्मज्जु' हुरा' णमेन' ः. भूयिष्ठन्ते नम उक्तिं वि' धेमे' ति .. ३३ ..
अग्निश्च जात' वेदा' श्च. सहोजा अ' जिरा' प्रभुः. वैश्वानरो न' र्यापा' श्च.
प' ङ्क्तिरा' धाश्च' सप्त' मः विसर्पेवाऽष्ट' मोऽग्नी' नाम्.
एतेऽष्टौ वसवः क्षि' ता इ' ति. यथर्त्वेवाग्नेरर्चिर्वर्ण' विशे' षाः.
नीलार्चिश्च पीतका"र्चिश्चे' ति. अथ वायोरेकादशपुरुषस्यैकादश' स्त्रीक' स्य.
प्रभ्राजमाना व्य' वदा' ताः .. ३४ ..
याश्च वासु' किवै' द्युताः. रजताः परु' षाः श्या' माः. कपिला अ' तिलो' हिताः.
ऊर्ध्वा अवप' तन्ता' श्च. वैद्युत इ' त्येका' दश. नैनं वैद्युतो' हिन' स्ति.
य ए' वं वे' द. स होवाच व्यासः पा' राश' र्यः.
विद्युद्वधमेवाहं मृत्युमै"च्छमि' ति. न त्वका' मँह' न्ति .. ३५ ..
य ए' वं वे' द. अथ ग' न्धर्व' गणाः. स्वाअन' भ्राट्.
अङ्घा' रि' र्बम्भा' रिः. हस्त' स्सुह' स्तः. कृशा' नुर्वि' श्वाव' सुः.
मूर्धन्वान्थ्सू"र्यव' र्चाः. कृतिरित्येकादश ग' न्धर्व' गणाः.
देवाश्च म' हादे' वाः. रश्मयश्च देवा' गर' गिरः ..३६ ..
नैनं गिरो' हिन' स्ति. य ए' वं वे' द.
गौ' री मि' माय सलि' लानि' तक्ष' ती. एक' पदी द्वि' पदी' सा चतु' ष्पदी.
अ' ष्टाप' दी' नव' पदी बभू' वुषी". सस्राक्षरा परमे व्यो' मन्नि' ति.
वाचो' विशे' षणम्. अथ निगद' व्याख्या' ताः.
ताननुक्र' मिष्या' मः. व' राहव' स्स्वत' पसः .. ३७ ..
वि' द्युन्म' हसो' धूप' यः. श्वापयो गृहमेधा"श्चेत्ये' ते.
ये' चेमेऽशि' मिवि' द्विषः. पर्जन्यास्सप्त पृथिवीमभिव' र्षन्ति.
वृष्टि' भिरि' ति. एतयैव विभक्तिवि' परी' ताः. स' प्तभि' र्वा तै' रुदी' रिताः.
अमून्लोकानभिव' र्ष' न्ति. तेशा' मेषा' भव' ति. स' मा' नमे' तदुद' कम् .. ३८ ..
उ' च्चैत्य' व' चाह' भिः. भूमि' ं प' र्जन्या' जिन्व' न्ति. दिवं जिन्वन्त्यग्न' य इ' ति.
यदक्ष' रं भू' तकृतम्. विश्वे' देवा उ' पास' ते. मह' र्षि' मस्य गो' प्तारम्".
ज' मद' ग्नि' मकु' र्वत. ज' मद' ग्नि' राप्या' यते.
छन्दो' भिश्चतुरुत्त' रैः. राज्ञ' स्सोम' स्य तृ' प्तास' ः .. ३९ ..
ब्रह्म' णा वी' र्या' वता. शि' वा न' ः प्र' दिशो' दिश' ः.
तच्छ' ं योरावृ' णीमहे. गा' तुं य' ज्ञाय' . गा' तुं य' ज्ञप' तये.
दैवी"स्स्व' स्तिर' स्तु नः. स्व' स्तिर्मानु' षेभ्यः. ऊ' र्ध्वं जि' गातु भेष' जम्.
शन्नो' अस्तु द्वि' पदे". श.म् चतु' ष्पदे.
सोमपा (३ )असोमपा (३ )इति निगद' व्याख्या' ताः .. ४० ..
स' ह' स्र' वृदि' यं भू' मिः. प' रं व्यो' म स' हस्र' वृत्. अ' श्विना' भुज्यू' नास' त्या.
वि' श्वस्य' जग' तस्प' ती. जाया भूमिः प' तिर्व्यो' म. मि' थुन' न्ता अ' तुर्य' थुः.
पुत्रो बृहस्प' ती रु' द्रः. स' रमा' इति' स्त्रीपु' मम्.
शु' क्र, न् वा' म' न्यद्य' ज' ं वा' म' न्यत्. विषु' रूपे' अह' नी' द्यौरि' व स्थः .. ४१ ..
विश्वा' हि मा' या अव' थः स्वधावन्तौ.
भ' द्रा वा"ं पूषणावि' हरा' तिर' स्तु वासा"त्यौ चि' त्रौ जग' तो नि' धानौ".
द्यावा' भूमी च' रथ' ः स' ँ' सखा' यौ. ताव' श्विना' रा' सभा"श्वा' हव' ं मे.
शु' भ' स्प' ती' आ' गतँ' सू' र्यया' स' ह. त्युग्रो' ह भु' ज्युम' श्विनोदमे' घे.
र' यिन्न कश्चि' न्ममृ' वां (२ )अवा' हाः. तमू' हथुर्नौ' भिरा"त्म' न्वती' भिः.
अ' न्त' रि' क्ष' प्रुड्भि' रपो' दकाभिः .. ४२
ति' स्रः क्षप' स्त्रिरहा' ति' व्रज' द्भिः. नास' त्या भु' ज्युमू' हथुः पत' ङ्गैः.
स' मु' द्रस्य' धन्व' न्ना' र्द्रस्य' पा' रे. त्रि' भीरथै"श्श' तप' द्भि' ः षड' श्वैः.
स' वि' तार' ं वित' न्वन्तम्. अनु' बध्नाति शांब' रः. आपपूर्षंब' रश्चै' व.
स' विता' रेप' सो' ऽभवत्. त्यँ सुतृप्तं वि' दित्वै' व. ब' हुसो' म गि' रं व' शी .. ४३ ..
अन्वेति तुग्रो व' क्रिया' न्तम्. आयसूयान्त्सोम' तृप्सु' षु. स सङ्ग्रामस्तमो"द्योऽत्यो' तः.
वाचो गाः पि' पाति' तत्. स तद्गोभिस्स्ता"ऽत्येत्य' न्ये. र' क्षसा' नन्वि' ताश्च' ये.
अ' न्वेति' परि' वृत्या' ऽस्तः. ए' वमे' तौस्थो' अश्विना.
ते ए' ते द्यु' ःपृथि' व्योः. अह' रह' र्गर्भ' न्दधाथे .. ४४ ..
तयो' रे' तौ व' त्साव' होरा' त्रे. पृ' थि' व्या अह' ः. दि' वो रात्रि' ः.
ता अवि' सृष्तौ. दम्प' ती ए' व भ' वतः. तयो' रे' तौ व' त्सौ.
अ' ग्निश्चा' दित्य' श्च' . रा' त्रेर्व' त्सः. श्वे' त आ' दि' त्यः. अहो' ऽग्निः .. ४५ ..
ता' म्रो अ' रु' णः. ता अवि' सृष्टौ. दम्प' ती ए' व भ' वतः.
तयो' रे' तौ व' त्सौ. वृ' त्रश्च' वैद्यु' तश्च' . अ' ग्नेर्वृ' त्रः. वै' द्युत' आदि' त्यस्य' .
ता अवि' सृष्टौ. दम्प' ती ए' व भ' वतः. तयो' रे' तौ व' त्सौ .. ४६ ..
उ' ष्मा च' नीहा' रश्च' . वृत्रस्यो' ष्मा. वै' द्यु' तस्य' नीहा' रः.
तौ तावे' व प्रति' पद्येते. सेयँरात्री' ग' र्भिणी' पु' त्रेण' संव' सति.
तस्या' वा ए' तदु' ल्बणम्". यद्रात्रौ' र' श्मय' ः.
यथा' गोर्ग' र्भिण्या' उ' ल्बणम्". ए' वमे' तस्या' उ' ल्बणम्".
प्रजयिष्णुः प्रजया च पशुभि' श्च भ' वति.
य ए' वं वे' द. एतमुद्यन्तमपिय' न्तं चे' ति.
आदित्यः पुण्य' स्य व' त्सः. अथ पवि' त्राङ्गि' रसः .. ४७ ..
प' वित्र' वन्त' ः परि' वाज' मास' ते. पि' तैषा"ं प्र' त्नो अ' भिर' क्षति व्र' तम्.
म' हस्स' मु' द्रं वरु' णस्ति' रोद' धे. धीरा' इच्छेकु' र्धरु' णेष्वा' रभम्" .
प' वित्र' ं ते' वित' त' ं ब्रह्म' ण' स्पते". प्रभु' र्गात्राणि' पर्ये' षिवि' श्वत' ः.
अत' प्ततनू' र्न तदा' मो अ' श्नुते. शृ' तास' इद्वह' न्त' स्तत्समा' शत.
ब्र' ह्मा दे' वाना"म्. अस' तस्स' द्ये तत' क्षुः .. ४८ ..
ऋश' यस्स' प्तात्रि' श्च' यत्. सर्वेऽत्रयो अ' गस्त्य' श्च.
नक्ष' त्रै' श्शङ्कृ' तोऽवसन्. अथ' सवितु' ः श्यावाश्व' स्याऽवर्ति' कामस्य.
अ' मी य ऋक्षा' निहि' तास उ' च्चा. नक्त' ं ददृ' श्रे' कुहा' चि' द्दिवे' युः.
अद' ब्धानि' वरु' णस्य व्र' तानि' . वि' चा' कशच्च' न्द्रमा' नक्ष' त्रमेति.
तत्स' वि' तुर्वरे"ण्यं. भर्गो' दे' वस्य' धीमहि .. ४९ ..
धियो' यो न' ः प्रचो' दया"त्. तत्स' वि' तुर्वृ' णीमहे.
व' यन्दे' वस्य' भोज' नम्. श्रेष्ठँ' सर्व' धात' मम्.
तुर' ं भग' स्य धीमहि. अपा' गूहत सविता' तृभीन्' .
सर्वा"दि' वो अन्ध' सः. नक्त' न्तान्य' भवन्दृ' शे.
अस्थ्य' स्थ्ना संभ' विष्यामः. नाम' नामै' व ना' म मे" .. ५० ..
नपुँस' क' ं पुमा' ँ' स्त्र्य' स्मि. स्थाव' रोऽस्म्यथ' जङ्ग' मः.
य' जेऽयक्षि' यष्टा' हे च' . मया' भू' तान्य' यक्षत.
प' शवो' मम' भूता' नि. अनूबन्ध्योऽस्म्य' हं वि' भुः.
स्त्रिय' स्स' तीः. ता उ' मे पु' ँ' स आ' हुः.
पश्य' दक्ष' ण्वान्नविचे' तद' न्धः. क' विर्यः पु' त्रस्य इ' मा चि' केत .. ५१ ..
यस्ता वि' जा' नाथ्स' वि' तुः पि' तास' त्. अ' न्धो मणिम' विन्दत्.
तम' नङ्गुलि' राव' यत्. अ' ग्री' वः प्रत्य' मुञ्चत्.
तमजि' ह्वा अ' सश्च' त. ऊर्ध्वमूलम' वाक्छा' खम्.
वृ' क्षं यो' वेद' सम्प्र' ति. न स जातु जन' ः श्रद्द' ध्यात्.
मृ' त्युर्मा' मार' यादि' तिः. हसितँरुदि' तङ्गी' तम् .. ५२ ..
वीणा' पणव' लासि' तम्. मृ' तञ्जी' वं च' यत्कि' ंचित्
अ' ङ्गानि' स्नेव' विद्धि' तत्. अतृ' ष्य' ँ' स्तृष्य' ध्यायत्.
अ' स्माज्जा' ता मे' मिथू' चरन्न्' . पुत्रो निरृत्या' वैदे' हः.
अ' चेता' यश्च' चेत' नः. स' तं मणिम' विन्दत्.
सो' ऽनङ्गुलि' राव' यत्. सो' ऽग्री' वः प्रत्य' मुञ्चत् .. ५३ ..
सोऽजि' ह्वो अ' सश्च' त. नैतमृशिं विदित्वा नग' रं प्र' विशेत्.
य' दि प्र' विशेत्. मि' थौ चरि' त्वा प्र' विशेत्.
तथ्सम्भव' स्यं व्र' तम्. आ' तम' ग्ने र' थन्ति' ष्ठ.
एका"श्वमेक' योज' नम्. एकचक्र' मेक' धुरम्.
वा' तध्रा' जिग' तिं वि' भो. न' रि' ष्यति' न व्य' थते .. ५४ ..
ना' स्याक्षो' यातु' सज्ज' ति. यच्छ्वेता"न्रोहि' ताँश्चा' ग्नेः.
र' थे यु' क्त्वाऽधि' तिष्ठ' ति. एकया च दशभिश्च' स्वभू' ते.
द्वाभ्यामिष्टये विँ' शत्या' च. तिसृभिश्च वहसे त्रिँशता' च.
नियुद्भिर्वायविहिता' विमुञ्च .. ५५ ..
आत' नुष्व' प्रत' नुष्व. उ' द्धमाऽऽध' म' सन्ध' म.
आदित्ये चन्द्र' वर्णा' नाम्. गर्भ' माधे' हि' यः पुमान्' .
इ' तस्सि' क्तँसूर्य' गतम्. च' न्द्रम' से' रस' ङ्कृधि.
वारादञ्जन' याग्रे' ऽग्निम्. य एको' रुद्र' उच्य' ते.
अ' स' ङ्ख्या' तास्स' हस्रा' णि. स्म' र्यते' न च' दृश्य' ते .. ५६ ..
ए' वमे' तन्नि' बोधत. आम' न्द्रैरि' न्द्र' हरि' भिः.
या' हि म' यूर' रोमभिः. मा त्वा केचिन्नियेमुरि' न्न पा' शिनः.
द' ध' न्वेव' ता इ' हि. मा म' न्द्रैरि' न्द्र' हरि' भिः.
या' मि म' यूर' रोमभिः. मा मा केचिन्नियेमुरि' न्न पा' शिनः.
नि' ध' न्वेव' तां (२ )इ' मि. अणुभिश्च म' हद्भि' श्च .. ५७ ..
नि' घृष्वै' रस' मायु' तैः. कालैर्हरित्व' माप' न्नैः.
इन्द्राया' हि स' हस्र' युक्. अ' ग्निर्वि' भ्राष्टि' वसनः.
वा' युश्श्वेत' सिक्द्रु' कः. स' ंव' थ्स' रो वि' षू' वर्णै"ः.
नित्य' स्तेऽनुच' रास्त' व. सुब्रह्मण्योँ सुब्रह्मण्योँ सु' ब्रह्म' ण्योम्.
इन्द्रागच्छ हरिव आगच्छ मे' धाति' थेः. मेष वृषणश्व' स्य मे' ने .. ५८ ..
गौरावस्कन्दिन्नहल्या' यै जा' र. कौशिकब्रह्मण गौतम' ब्रुवा' ण.
अ' रु' णाश्व' इ' हाग' ताः. वस' वः पृथिवि' क्षित' ः.
अ' ष्टौदि' ग्वास' सो' ऽग्नय' ः. अग्निश्च जातवेदा"श्चेत्ये' ते.
तम्राश्वा"स्ताम्र' रथाः. ताम्रवर्णा"स्तथा' ऽसिताः.
दण्दहस्ता"ः ख्याद' ग्दतः. इतो रुद्रा"ः परा' ङ्गताः .. ५९ ..
उक्तँस्थान.म् प्रमाणञ्च' पुर' इत. बृह' स्पति' श्च सवि' ता च' .
वि' श्वरू' पैरि' हाग' ताम्. रथो' नोदकवर्त्म' ना.
अ' प्सुषा' इति' तद्द्व' योः. उक्तो वेषो' वासा' ँ' सि च.
कालावयवानामित' ः प्रती' ज्या. वासात्या' इत्य' श्विनोः.
कोऽन्तरिक्षे श्ब्दङ्क' रोती' ति. वसिष्टो रौहिणो मीमाँ' साञ्च' क्रे.
तस्यै' षा भव' ति. वा' श्रेव' वि' द्युदिति' .
ब्रह्म' ण उ' दर' णमसि. ब्रह्ंअ' ण उदी' रण' मसि.
ब्रह्म' ण आ' स्तर' णमसि. ब्रह्म' ण उप' स्तर' णमसि .. ६० ..
[अप' क्रामत गर्भि' ण्य' ः ]
अ' ष्टयो' नीम' ष्टपु' त्राम्. अ' ष्टप' त्नीमि' मा.म् मही"म्.
अ' हं वेद' न मे' मृत्युः. नचामृ' त्युर' घाह' रत्.
अ' ष्टयो"न्य' ष्टपु' त्रम्. अ' ष्टप' दि' दम' न्तरि' क्षम्.
अ' हं वेद' न मे' मृत्युः. नचामृ' त्युर' घाह' रत्.
अ' ष्टयो' नीम' ष्टपु' त्राम्. अ' ष्टप' त्नीम' मून्दिवम्" .. ६१ ..
अ' हं वेद' न मे' मृत्युः. नचामृ' त्युर' घाह' रत्.
सु' त्रामा' णां म' हीमू' षु. अदि' ति' र्द्यौर्दि' तिर' न्तरि' क्षम्.
अदि' तिर्मा' ता स पि' ता स पु' त्रः. विश्वे' दे' वा अदि' ति' ः पञ्च' जना"ः.
अदि' तिर्जा' तमदि' ति' जनि' त्वम्. अ' ष्टौ पु' त्रासो' अदि' तेः.
ये जा' तास्त' न्व' ः परि' . दे' वं (२ )उप' प्रैत्स' प्तभि' ः .. ६२ ..
प' रा' मा' र्ता' ण्डमास्य' त्. स' प्तभि' ः पु' त्रैरदि' तिः.
उप' प्रैत्पू' र्व्य' ं युगम्". प्र' जायै' मृ' त्यवे त' त्.
प' रा' मा' र्ता' ण्डमाभ' र' दिति' . ताननुक्र' मिष्या' मः.
मि' त्रश्च' वरु' णश्च. धा' ता चा"र्य' मा च' .
अँश' श्च' भग' श्च. इन्द्रश्च विवस्वाँ' श्चेत्ये' ते.
हि' र' ण्य' ग' र्भो ह' ँ' सश्शु' चि' षत्.
ब्रह्म' जज्ञा' नं तदित्प' दमिति' ग' र्भ प्रा' जाप' त्यः.
अथ' पुरु' षः स' प्त पुरु' षः .. ६३ ..
[य' था' स्था' नं ग' र्भि' ण्य' ः ]
योऽसौ' त' पन्नु' देति' . स सर्वे' षां भू' ताना"ं प्रा' णाना' दायो' देति' .
मा मे" प्र' जया' मा प' शू' नाम्. मा मम' प्रा' णाना' दायोद' गाः.
अ' सौ यो"ऽस्त' मेति' . स सर्वे' षां भू' ताना"ं प्रा' णाना' दाया' ऽस्तमेति' .
मा मे" प्र' जया' मा प' शूनाम्. मा मम' प्रा' णाना' दायाऽस्त' ङ्गाः.
अ' सौ य आ' पूर्य' ति. स सर्वे' षां भू' ताना"ं प्रा' णैरा' पूर्य' ति .. ६४ ..
मा मे" प्र' जया' मा प' शूनाम्. मा मम' प्रा' णैरा' पूरि' ष्ठाः.
अ' सौ यो' ऽप' क्षीय' ति. स सर्वे' षां भू' ताना"ं प्रा' णैरप' क्षीयति.
मा मे" प्र' जया' मा प' शूनाम्. मा मम' प्रा' णैरप' क्षेष्ठाः.
अ' मूनि' नक्ष' त्राणि. सर्वे' षां भू' ताना"ं प्रा' णैरप' प्रसर्पन्ति' चोत्स' र्पन्ति' च.
मा मे" प्र' जया' मा प' शूनाम्. मा मम' प्रा' णैरप' प्रसृपत' मोत्सृ' पत .. ६५ ..
इ' मे मासा"श्चार्धमा' साश्च' . सर्वे' षां भू' ताना"ं प्रा' णैरप' प्रसर्पन्ति' चोत्स' र्पन्ति' च.
मा मे" प्र' जया' मा प' शूनाम्. मा मम' प्रा' णैरप' प्रसृपत' मोत्सृ' पत.
इ' म ऋ' तव' ः. सर्वे' षां भू' ताना"ं प्रा' णैरप' प्रसर्पन्ति' चोत्स' र्पन्ति' च.
मा मे" प्र' जया' मा प' शूनाम्. मा मम' प्रा' णैरप' प्रसृपत' मोत्सृ' पत.
अ' यँ स' ंवत्स' रः. सर्वे' षां भू' ताना"ं प्रा' णैरप' प्रसर्पति' चोत्स' र्पति' च .. ६६ ..
मा मे" प्र' जया' मा प' शूनाम्. मा मम' प्रा' णैरप' प्रसृप' मोत्सृ' प.
इ' दमह' ः. सर्वे' षां भू' ताना"ं प्रा' णैरप' प्रसर्पति' चोत्स' र्पति' च .
मा मे" प्र' जया' मा प' शूनाम्. मा मम' प्रा' णैरप' प्रसृप' मोत्सृ' प.
इ' यँरात्रि' ः. सर्वे' षां भू' ताना"ं प्रा' णैरप' प्रसर्पति' चोत्स' र्पति' च.
मा मे" प्र' जया' मा प' शूनाम्. मा मम' प्रा' णैरप' प्रसृप' मोत्सृ' प.
ॐ भुर्भुव' स्स्व' ः. एतद्वो मिथुनं मा नो मिथु' नँरी' ढ्वम् .. ६७ ..
अथादित्यस्याष्टपु' रुष' स्य.
वसूनामादित्यानँस्थाने स्वतेज' सा भा' नि.
रुद्राणामादित्यानँस्थाने स्वतेज' सा भा' नि.
आदित्यानामादित्यानँस्थाने स्वतेज' सा भा' नि.
सताँ' सत्या' नाम्. आदित्यानँस्थाने स्वतेज' सा भा' नि.
अभिधून्वता' मभि' घ्नताम्. वातव' तां म' रुताम्.
आदित्यानँस्थाने स्वतेज' सा भा' नि.
ऋभूणामादित्यानँस्थाने स्वतेज' सा भा' नि.
विश्वेषा"न्देवा' नाम्. आदित्यानँस्थाने स्वतेज' सा भा' नि.
संवत्सर' स्य स' वितुः. आदित्यस्य स्वतेज' सा भा' नि.
ॐ भुर्भुव' स्स्व' ः. रश्मयो वो मिथुनं मा नो मिथु' नँरी' ढ्वम् .. ६८ ..
आरोगस्य स्थाने स्वतेज' सा भा' नि. भ्राजस्य स्थाने स्वतेज' सा भा' नि.
पटरस्य स्थाने स्वतेज' सा भा' नि. पतङ्गस्य स्थाने स्वतेज' सा भा' नि.
स्वर्णरस्य स्थाने स्वतेज' सा भा' नि. ज्योतिषीमतस्य स्थाने स्वतेज' सा भा' नि.
विभासस्य स्थाने स्वतेज' सा भा' नि. कश्यपस्य स्थाने स्वतेज' सा भा' नि.
ॐ भुर्भुव' स्स्व' ः. आपो वो मिथुनं मा नो मिथु' नँरी' ढ्वम् .. ६९ ..
अथ वयोरेकादशपुरुषस्यैकादश' स्त्रीक' स्य.
प्रभ्राजमानानाँ रुद्राणाँस्थाने स्वतेज' सा भा' नि.
व्यवदातानाँ रुद्राणाँस्थाने स्वतेज' सा भा' नि.
वासुकिवैद्युतानाँ रुद्राणाँस्थाने स्वतेज' सा भा' नि.
रजतानाँ रुद्राणाँस्थाने स्वतेज' सा भा' नि.
परुषाणाँ रुद्राणाँस्थाने स्वतेज' सा भा' नि.
श्यामानाँ रुद्राणाँस्थाने स्वतेज' सा भा' नि.
कपिलानाँ रुद्राणाँस्थाने स्वतेज' सा भा' नि.
अतिलोहितानाँ रुद्राणाँस्थाने स्वतेज' सा भा' नि.
ऊर्ध्वानाँ रुद्राणाँस्थाने स्वतेज' सा भा' नि .. ७० ..
अवपतन्तानाँ रुद्राणाँस्थाने स्वतेज' सा भा' नि.
वैद्युतानाँ रुद्राणाँस्थाने स्वतेज' सा भा' नि.
प्रभ्राजमानीनाँ रुद्राणीनाँस्थाने स्वतेज' सा भा' नि.
व्यवदातीनाँ रुद्राणीनाँस्थाने स्वतेज' सा भा' नि.
वासुकिवैद्युतीनाँ रुद्राणीनाँस्थाने स्वतेज' सा भा' नि.
रजतानाँ रुद्राणीनाँस्थाने स्वतेज' सा भा' नि.
परुषाणाँ रुद्राणीनाँस्थाने स्वतेज' सा भा' नि.
श्यामानाँ रुद्राणीनाँस्थाने स्वतेज' सा भा' नि.
कपिलानाँ रुद्राणीनाँस्थाने स्वतेज' सा भा' नि.
अतिलोहितीनाँ रुद्राणीनाँस्थाने स्वतेज' सा भा' नि.
ऊर्ध्वानाँ रुद्राणीनाँस्थाने स्वतेज' सा भा' नि.
अवपतन्तीनाँ रुद्राणीनाँस्थाने स्वतेज' सा भा' नि.
वैद्युतीनाँ रुद्राणीनाँस्थाने स्वतेज' सा भा' नि.
ॐ भुर्भुव' स्स्व' ः. रूपाणि वो मिथुनं मा नो मिथु' नँरी' ढ्वम् .. ७१ ..
अथाग्ने' रष्टपु' रुष' स्य.
अग्नेः पूर्वदिश्यस्य स्थाने स्वतेज' सा भा' नि.
जातवेदस उपदिश्यस्य स्थाने स्वतेज' सा भा' नि.
सहोजसो दक्षिणदिश्यस्य स्थाने स्वतेज' सा भा' नि.
अजिराप्रभव उपदिश्यस्य स्थाने स्वतेज' सा भा' नि.
वैश्वानरस्याऽपरदिश्यस्य स्थाने स्वतेज' सा भा' नि.
नर्यापस उपदिश्यस्य स्थाने स्वतेज' सा भा' नि.
पङ्क्तिराधसौदग्दिश्यस्य स्थाने स्वतेज' सा भा' नि.
विसर्पिण उपदिश्यस्य स्थाने स्वतेज' सा भा' नि.
ॐ भुर्भुव' स्स्व' ः. रूपाणि वो मिथुनं मा नो मिथु' नँरी' ढ्वम् .. ७२ ..
दक्षिणपूर्वस्यान्दिशि विस' र्पी न' रकः. तस्मान्नः प' रिपा' हि.
दक्षिणापरस्यां दिश्यविस' र्पी न' रकः. तस्मान्नः प' रिपा' हि.
उत्तरपूर्वस्यान्दिशि विषा' दी न' रकः. तस्मान्नः प' रिपा' हि.
उत्तरपरस्यान्दिश्यविषा' दी न' रकः. तस्मान्नः प' रिपा' हि.
आ यस्मिन्त्सप्त वासवा इन्द्रियाणि शतक्रत' वित्ये' ते .. ७३ ..
इ' न्द्र' घो' षा वो' वसु' भिः पु' रस्ता' दुप' दधताम्.
मनो' जवसो वः पि' तृभि' र्दक्षिण' त उप' दधताम्.
प्रचे' ता वो रु' द्रैः प' श्चादुप' दधताम्.
वि' श्वक' र्मा व आदि' त्यरु' त्तर' त उप' दधताम्.
त्वष्टा' वो रू' पैरु' परि' ष्टा' दुप' दधताम्.
संज्ञानं वः प' श्चादि' ति. आ' दि' त्यस्सर्वो' ऽग्निः पृ' थि' व्याम्.
वा' युर' न्तरि' क्षे. सूर्यो' दि' वि. च' न्द्रमा' दि' क्षु.
नक्ष' त्राणि' स्वलो' के. ए' वा ह्ये' व. ए' वा ह्य' ग्ने.
ए' वा हि वा' यो. ए' वा ही"न्द्र. ए' वा हि पू' षन्. ए' वा हि दे' वाः .. ७४ ..
आप' मापाम' पस्सर्वा"ः. अ' स्माद' स्मादि' तोऽमुत' ः
अ' ग्निर्वा' युश्च' सूर्य' श्च. स' ह स' ञ्चस्क' रर्द्धि' या.
वा' य्वश्वा' रश्मि' पत' यः. मरी"च्यात्मनो' अद्रु' हः.
दे' वीर्भु' वन' सूव' रीः. पु' त्र' व' त्वाय' मे सुत.
महानाम्नीर्म' हामा' नाः. म' ह' सो म' हस' स्स्व' ः ..७५ ..
दे' वीः प' र्जन्य' सूव' रीः. पु' त्र' व' त्वाय' मे सुत.
अ' पाऽश्न्यु' ष्णिम' पा रक्ष' ः. अ' पाऽऽश्न्यु' ष्णिम' पारघम्".
अपा"घ्रा' मप' चा' ऽवर्तिम्". अप' दे' वीरि' तो हि' त.
वज्र' न्दे' वीरजी' ताँश्च. भुव' नन्देव' सूव' रीः.
आ' दि' त्यानदि' तिन्दे' वीम्. योनि' नोर्ध्वमु' दीष' त .. ७६ ..
भ' द्रं कर्णे' भिः शृणु' याम' देवाः. भ' द्रं प' श्येमा' क्षभि' र्यज' त्राः.
स्थि' रैरङ्गै"स्तुष्टु' वाँस' स्त' नूभि' ः. व्यशे' म दे' वहि' त' ं यदायु' ः.
स्व' स्ति न' इन्द्रो' वृ' द्धश्र' वाः. स्व' स्ति न' ः पू' षा वि' श्ववे' दाः.
स्व' स्ति न' स्तार्क्ष्यो' अरि' ष्टनेमिः. स्व' स्ति नो' बृह' स्पति' र्दधातु.
के' तवो' अरु' णासश्च. ऋ' ष' यो वात' रश' नाः.
प्र' ति' ष्ठाँश' तधा' हि. स' माहि' तासो सहस्र' धाय' सम्.
शि' वा न' श्शन्त' मा भवन्तु. दि' व्या आप' ओष' धयः.
सु' मृ' डी' का सर' स्वति. मा ते' व्यो' म स' न्दृशि' .. ७७ ..
यो' ऽपां पुष्प' ं वेद' . पुष्प' वान् प्र' जावा"न् पशु' मान् भ' वति .
च' न्द्रमा' वा अ' पां पुष्पम्". पुष्प' वान् प्र' जावा"न् पशु' मान् भ' वति .
य ए' वं वेद' . यो' ऽपामा' यत' न' ं वेद' .
आ' यत' नवान् भवति. अ' ग्निर्वा अ' पामा' यत' नम्.
आ' यत' नवान् भवति. यो"ऽग्नेरा' यतन' ं वेद' .. ७८ ..
आ' यत' नवान् भवति. आपो' वा अ' ग्नेरा' यत' नम् .
आ' यत' नवान् भवति. य ए' वं वेद' .
यो' ऽपामा' यत' न' ं वेद' . आ' यत' नवान् भवति.
वा' युर्वा अ' पामा' यत' नम्. आ' यत' नवान् भवति.
यो वा' योरा' यत' न' ं वेद' . आ' यत' नवान् भवति .. ७९ ..
आपो' वै वा' योरा' यत' नम्. आ' यत' नवान् भवति .
य ए' वं वेद' . यो' ऽपामा' यत' न' ं वेद' .
आ' यत' नवान् भवति. अ' सौ वै तप' न्न' पामा' यत' नम्.
आ' यत' नवान् भवति. यो' ऽमुष्य' तप' त आ' यत' न' ं वेद' .
आ' यत' नवान् भवति. आपो' वा अ' मुष्य' तप' त आ' यत' नम् .. ८० ..
आ' यत' नवान् भवति. य ए' वं वेद' .
यो' ऽपामा' यत' न' ं वेद' . आ' यत' नवान् भवति.
च' न्द्रमा' वा अ' पामा' यत' नम् . आ' यत' नवान् भवति .
यश्च' न्द्रम' स आ' यत' न' ं वेद' . आ' यत' नवान् भवति .
आपो' वै च' न्द्रम' स आ' यत' नम्. आ' यत' नवान् भवति .. ८१ ..
य ए' वं वेद' . यो' ऽपामा' यत' न' ं वेद' .
आ' यत' नवान् भवति. नक्ष' त्राणि' वा अ' पामा' यत' नम्.
आ' यत' नवान् भवति. यो नक्ष' त्राणामा' यत' न' ं वेद' .
आ' यत' नवान् भवति. आपो' वै नक्ष' त्राणामा' यत' नम्.
आ' यत' नवान् भवति. य ए' वं वेद' .. ८२ ..
यो' ऽपामा' यत' न' ं वेद ' . आ' यत' नवान् भवति
प' र्जन्यो' वा अ' पामा' यत' नम्. आ' यत' नवान् भवति .
यः प' र्जन्य' स्या' यत' न' ं वेद' . आ' यत' नवान् भवति .
आपो' वै प' र्जन्य' स्या' ऽऽयत' नम्. आ' यत' नवान् भवति .
य ए' वं वेद' . यो' ऽपामा' यत' न' ं वेद' .. ८३ ..
आ' यत' नवान् भवति. स' ंव' त्स' रो वा अ' पामा' यत' नम्.
आ' यत' नवान् भवति. यस्स' ंवत्स' रस्या' यत' न' ं वेद' .
आ' यत' नवान् भवति. आपो' वै स' ंवत्स' रस्या' यत' नम्.
आ' यत' नवान् भवति. य ए' वं वेद' .
यो"ऽप्सु नाव' ं प्रति' ष्ठिता' ं वेद' . प्रत्ये' व ति' ष्ठति .. ८४ ..
इ' मे वै लो' का अ' प्सु प्रति' ष्ठिताः. तदे' षाऽभ्यनू"क्ता.
अ' पाँरस' मुद' यँसन्न्. सूर्ये' शु' क्रँस' माभृ' तम्.
अ' पाँरस' स्य' यो रस' ः. तं वो' गृह्णाम्युत्त' ममिति' .
इ' मे वै लो' का अ' पाँरस' ः. ते' ऽमुष्मि' न्नादि' त्ये स' माभृ' ताः.
जा' नु' द' घ्नीमु' त्तरवे' दीङ्खा' त्वा. अ' पां पू' रयि' त्वा गु' ल्फद' घ्नम् .. ८५ ..
पुष्करपर्णैः पुष्करदण्डैः पुष्करैश्च' सँस्ती' र्य. तस्मि' न्विहा' यसे.
अ' ग्निं प्र' णीयो' पसमा' धाय' . ब्र' ह्म' वा' दिनो' वदन्ति.
कस्मा"त्प्रणी' तेऽयम' ग्निश्ची' यते". साप्र' णी' तेऽयम' प्सु ह्यय' ञ्ची' यते".
अ' सौ भुव' ने' प्यना' हिताग्निरे' ताः. तम' भित' ए' ता अ' बीष्ट' का' उप' दधाति.
अ' ग्नि' हो' त्रे द' र्शपूर्णमा' सयो"ः. प' शु' ब' न्धे चा' तुर्मा' स्येषु' .. ८६ ..
अथो' आहुः. सर्वे' षु यज्ञक्र' तुष्विति' .
ए' तद्ध' स्म' वा आ' हुश्शण्डि' लाः. कम' ग्निञ्चि' नुते.
स' त्रि' यम' ग्निञ्चि' न्वा' नः. स' ंव' त्स' रं प्र' त्यक्षे' ण.
कम' ग्निञ्चि' नुते. सा' वि' त्रम' ग्निञ्चि' न्वा' नः.
अ' मुमा' दि' त्यं प्र' त्यक्षे' ण. कम' ग्निञ्चि' नुते .. ८७ ..
ना' चि' के' तम' ग्निञ्चि' न्वा' नः.
प्रा' णान्प्र' त्यक्षे' ण. कम' ग्निञ्चि' नुते. चा' तु' हो' त्रि' यम' ग्निञ्चि' न्वा' नः.
ब्रह्म' प्र' त्यक्षे' ण. कम' ग्निञ्चि' नुते. वै' श्व' सृ' जम' ग्निञ्चि' न्वा' नः.
शरी' रं प्र' त्यक्षे' ण. कम' ग्निञ्चि' नुते. उ' पा' नु' वा' क्य' मा' शुम' ग्निञ्चि' न्वा' नः .. ८८ ..
इ' मान् लो' कान्प्र' त्यक्षे' ण. कम' ग्निञ्चि' नुते. इ' ममा' रुणकेतुकम' ग्निञ्चि' न्वा' नः.
य ए' वासौ. इ' तश्चा' ऽमुत' श्चाऽव्यतीप' ती. तमिति' .
यो"ऽग्नेर्मि' थू' या वेद' . मि' थु' न' वान्भ' वति.
आपो' वा अ' ग्नेर्मि' थू' याः. मि' थु' न' वान्भ' वति. य ए' वं वेद' .. ८९ ..
आपो' वा इ' दमा' सन्त्सलि' लमे' व. स प्र' जाप' ति' रेक' ः पुष्करप' र्णे सम' भवत्.
तस्यान्त' र्मन' सि काम' स्सम' वर्तत. इ' दँसृ' जेय' मिति' .
तस्मा' द्यत्पुरु' षो' म' सभि' गच्छ' ति. तद्वा' चा व' दति.
तत्कर्म' णा करोति. तदे' षाऽभ्यनू"क्ता.
काम' स्तदग्रे' सम' वर्त' ताधि' . मन' सो' रेत' ः प्रथ' मं यदासी"त् .. ९० ..
स' तो बन्धु' मस' ति' नि' रविन्दन्न्. हृ' दि प्र' तीष्या' क' वयो' मनी' षेति' .
उपै' न' न्तदुप' नमति. यत्का' मो' भव' ति. य ए' वं वेद' .
स तपो' ऽतप्यत. स तप' स्त' प्त्वा. शरी' रमधूनुत. तस्य' यन्मा' ँ' समासी"त्.
ततो' ऽरु' णाः के' तवो' वात' रश' ना ऋष' य' उद' तिष्ठन्न् .. ९१ ..
ये नखा"ः. ते वै' खान' साः. ये वाला"ः. ते वा' लखि' ल्याः.
यो रस' ः. सो' ऽपाम्. अ' न्त' र' तः कू' र्मं भू' तँसर्प' न्तम्.
तम' ब्रवीत्. मम' वैत्वङ्मा' ँ' सा. सम' भूत् .. ९२ ..
नेत्यब्रवीत्.पूर्व' मे' वाहमि' हास' निति' .
तत्पुरु' षस्य पुरुष' त्वम्. स स' हस्र' शीर्षा' पुरु' षः.
स' हस्' स्रा' क्षस्स' हस्र' पात्. भू' त्वोद' तिष्ठत्.
तम' ब्रवीत्.त्वं वै पूर्वँ' सम' भूः.
त्वमि' द.म् पूर्व' ः कुरु' ष्वेति' . स इ' त आ' दायाप' ः. .. ९३ ..
अ' ञ्ज' लिना' पु' रस्ता' दु' पाद' धात्. ए' वाह्ये' वेति' .
तत' आदि' त्य उद' तिष्ठत्. सा प्राची' दिक्.
अथा' ऽरु' णः. के' तुर्द' क्षिण' त उ' पाद' धात्.
ए' वाह्यग्न' इति' . ततो' वा अ' ग्निरुद' तिष्ठत्.
सा द' क्षि' णा दिक्. अथा' रु' णः के' तुः प' श्चादु' पद' धात्.
ए' वाहि वायो' इति' .. ९४ ..
ततो' वा' युरुद' तिष्ठत्. सा प्र' तीची' दिक्.
अथा' रु' णः के' तुरु' त्तर' त उ' पाद' धात्. ए' वाहीन्द्रेति' .
ततो' वा इन्द्र' उद' तिष्ठत्. सोदी' ची' दिक्.
अथा' रु' णः के' तुर्म' ध्य उ' पाद' धात्. ए' वाहि पूष' न्निति' .
ततो' वै पू' षोद' तिष्ठत्. सेयन्दिक् .. ९५ ..
अथा' रु' णः के' तुरु' परि' ष्टादु' पाद' धात्. ए' वाहि दे' वा हति' .
ततो' देवमनु' ष्याः पि' तर' ः. ग' न्ध' र्वा' प्स' रस' श्चोद' तिष्ठन्न्.
सोर्ध्वा दिक्. या वि' प्रुषो' वि' परा' पतन्न्.
ताभ्योऽसु' रा' रक्षाँ' सि पिशा' चाश्चोद' तिष्ठन्न्. तस्मा' त्ते परा' भवन्न्.
वि' प्रुड्भ्यो' हि ते सम' भवन्न्. तदे' षाभ्यनू"क्ता .. ९६ ..
आपो' ह' यद्बृ' ह' तीर्गर्म' मायन्न्' . दक्ष' न्दधा' ना ज' नय' न्तीस्स्वय' ंभुम्.
तत' इ' मेध्यसृज्यन्त' सर्गा"ः. अद्भ्यो' वा इ' दँ सम' भूत्.
तस्मा' दि' दँसर्व' ं ब्रह्म' स्वय' ंभ्विति' .
तस्मा' दि' दँसर्व' ँ' शिथि' लमि' वाऽध्रुव' मिवाभवत्.
प्र' जाप' ति' र्वाव तत्. आ' त्मना' त्मान' ं वि' धाय' .
तदे' वानु' प्रावि' शत्. तदे' षाभ्यनू"क्ता .. ९७ ..
वि' धाय' लो' कान् वि' धाय' भू' तानि' . वि' धाय' सर्वा"ः प्र' दिशो' दिश' श्च.
प्र' जाप' तिः प्रथम' जा ऋ' तस्य' . आ' त्मना' त्मान' म' भि संवि' वे' शेति' .
सर्व' मे' वेदमा' प्त्वा. सर्व' मव' रुद्ध्य' .
तदे' वानु' प्रवि' शति. य ए' वं वेद' .. ९८ ..
चतु' ष्टय्य' आपो' गृह्णाति. च' त्वारि' वा अ' पाँरू' पाणि' .
मेधो' वि' द्युत्. स्त' न' यि' त्नुर्वृ' ष्टिः. तान्ये' वाव' रुन्धे.
आतप' ति' वर्ष्या' गृह्णाति. ताः पु' रस्ता' दुप' दधाति.
ए' ता वै ब्र' ह्मवर्च' स्या आ' पः. मु' ख' त ए' व ब्र' ह्मवर्च' समव' रुन्धे.
तस्मा"न्मुख' तो ब्र' ह्मवर्च' सित' रः .. ९९ ..
कूप्या' गृह्णाति. ता द' क्षिण' त उप' दधाति.
ए' ता वै ते' ज' स्विनी' राप' ः. तेज' ए' ऽवास्य' दक्षिण' तो द' धाति.
तस्मा' द्दक्षि' णोऽर्ध' स्तेज' स्वित' रः. स्था' व' रा गृ' ह्णाति.
ताः प' श्चादुप' दधाति. प्रति' ष्ठिता' वै स्था' व' राः.
प' श्चादे' व प्रति' तिष्ठति. वह' न्तीर्गृह्णाति ..१०० ..
ता उ' त्तर' त उप' दधाति.
ओज' सा' वा ए' ता वह' न्तीरि' वोद्ग' तीरि' व आकूज' तीरि' व धाव' न्तीः.
ओज' ए' वास्यो"त्तर' तो द' धाति. तस्मा' दुत्त' रोऽर्ध' ओज' स्वित' रः.
स' ंभा' र्या गृ' ह्णाति. ता मध्य' उप' दधाति.
इ' यं वै स' ंभा' र्याः. अ' स्यामे' व प्रति' तिष्ठति.
प' ल्व' ल्या गृ' ह्णाति. ता उ' परि' ष्टादु' पाद' धाति .. १०१ ..
अ' सौ वै प' ल्व' याः. अ' मुष्या' मे' व प्रति' तिष्ठति.
दि' क्षूप' दधाति. दि' क्षु वा आप' ः.
अन्न' ं वा आप' ः. अ' द्भ्यो चा अन्न' ञ्जायते.
यदे' वद्भ्योऽन्न' ञ्जाय' ते. तदव' रुन्धे.
तं वा ए' तम' रु' णाः के' तवो' वात' रश' नाऋष' योऽचिन्वन्न्.
तस्मा' दारुणके' तुक' ः .. १०२ ..
तदे' षाभ्यनू"क्ता. के' तवो' अरु' णासश्च.
ऋ' ष' यो वात' रश' नाः. प्र' ति' ष्ठाँ श' तधा' हि.
स' माहि' तासो सहस्र' धाय' स' मिति' . श' तश' श्चै' व स' हस्र' शश्च' प्रति' तिष्ठति.
य ए' तम' ग्निञ्चि' नु' ते य उ' चैनमे' वं वेद' .. १०३ ..
जा' नु' द' घ्नीमु' त्तरवे' दीङ्खा' त्वा. अ' पां पू' रयति.
आ' पँ स' र्व' त्वाय' . पु' ष्क' र' प' र्णँरु' क्मं पुरु' ष' मित्युप' दधाति.
तपो' वै पु' ष्करप' र्णम्. स' त्यँरु' क्मः. अ' मृत' ं पुरु' षः.
ए' ताव' द्वा वा"स्ति. याव' दे' तत्. याव' दे' वास्ति' .. १०४ ..
तदव' रुन्धे. कू' र्ममुप' दधाति.
अ' पामे' व मेध' मव' रुन्धे. अथो" स्व' र्गस्य' लो' कस्य' सम' ष्ट्यै.
आप' मापाम' पस्सर्वा"ः. अ' स्माद' स्मादि' तोऽमुत' ः.
अ' ग्निर्वा' युश्च' सूर्य' श्च. स' हस' ञ्चस्क' रर्द्धि' या' इति' .
वा' य्वश्वा' रश्मि' पत' यः. लो' कं पृ' णच्छि' द्रं पृ' ण .. १०५ ..
यास्ति' स्रः प' रम' जाः. इ' न्द्र' घो' षा वो' वसु' भिरे' वाह्ये' वेति' .
पञ्च' चित' य' उप' दधाति. पाङ्क्तो' ऽग्निः.
याव' ने' वाग्निः. तञ्चि' नुते.
लो' कंपृ' णया द्वि' तीया' मुप' दधाति. पञ्च' पदा' वै वि' राट्.
तस्या' वा इ' यं पाद' ः. अ' त्नरि' क्ष' ं पाद' ः. द्यौः पाद' ः.
दिश' ः पाद' ः. प' रोर' जा' ः पाद' ः. वि' राज्ये' व प्रति' तिष्ठति.
य ए' तम' ग्निञ्चि' नु' ते. य उ' चैनमे' वं वेद' .. १०६ ..
अ' ग्निं प्र' णीयो' पसमा' धाय' . तम' भित ए' ता अ' बीष्टका' उप' दधाति.
अ' ग्नि' हो' त्रे द' र्शपूर्णमा' सयो"ः. प' शु' ब' न्धे चा' तुर्मा' स्येषु' .
अथो' आहुः. सर्वेषु' यज्ञक्र' तुष्विति' .
अथ' हस्माहारु' णस्स्वा' य' ंभुव' ः. सा' वि' त्रः सर्वो' ऽग्निरित्यन' नुषङ्गं मन्यामहे.
नाना' वा ए' तेषा"ं वी' र्या' णि. कम' ग्निञ्चि' नुते .. १०७ ..
स' त्रि' यम' ग्निञ्चि' वा' नः. कम' ग्निञ्चि' नुते.
सा' वि' त्रम' ग्निञ्चि' वा' नः. कम' ग्निञ्चि' नुते.
ना' चि' के' तम' ग्निञ्चि' वा' नः. कम' ग्निञ्चि' नुते.
चा' तु' र्हो' त्रि' यम' ग्निञ्चि' वा' नः. कम' ग्निञ्चि' नुते.
वै' श्व' सृ' जम' ग्निञ्चि' वा' नः. कम' ग्निञ्चि' नुते .. १०८
उ' पा' नु' वा' क्यमा' शुम' ग्निञ्चि' वा' नः. कम' ग्निञ्चि' नुते.
इ' ममा' रुणकेतुकम' ग्निञ्चि' वा' न इति' . वृषा' वा अ' ग्निः.
वृषा' णो' सँस्फा' लयेत्. ह' न्येता"स्य य' ज्ञः.
तस्मा' न्नानु' षज्य' ः. सोत्त' रवे' दिषु' क्र' तुषु' चिन्वीत.
उ' त्त' र' वे' द्याँह्य' ग्निश्ची' यते". प्र' जाका' मश्चिन्वीत .. १०९ ..
प्रा' जा' प' त्यो वा ए' षो"ऽग्निः. प्रा' जा' प' त्याः प्र' जाः.
प्र' जावा"न् भवति. य ए' वं वेद' .
प' शुका' मश्चिन्वीत. स' ंज्ञान' ं वा ए' तत् प' शूनाम्.
यदाप' ः प्' शू' नामे' व स' ंज्ञाने' ऽग्निञ्चि' नुते.
प्' शु' मान् भ' वति. य ए' वं वेद' .. ११० ..
वृष्टि' कामश्चिन्वीत. आपो' वै वृष्टि' ः.
प' र्जन्यो' वर्षु' को भवति. य ए' वं वेद' .
आ' म' या' वी चि' न्वीत. आपो' वै भे' ष' जम्.
भे' ष' जमे' वास्मै' करोति. सर्व' मायु' रेति.
अ' भि' चरँ' श्चिन्वीत. वज्रो' वै आप' ः .. १११ ..
वज्र' मे' व भ्रातृ' व्येभ्य' ः प्रह' रति.स्तृ' णु' त ए' नम्.
तेज' स्कामो' यश' स्कामः. ब्र' ह्म' व' र्च' सका' मस्स्व' र्गका' मश्चिन्वीत.
ए' ताव' द्वा वा"स्ति. याव' दे' तत्.
याव' दे' वास्ति' . तदव' रुन्धे.
तस्यै' तद् व्र' तम्. वर्ष' ति' न धा' वेत् .. ११२ ..
अ' मृत' ं वा आप' ः. अ' मृत' स्यान' न्तरित्यै.
नाप्सु मूत्र' पुरी' षङ्कुर्यात्. न निष्ठी' वेत्.
न वि' वस' नस्स्नायात्. गुह्यो' वा ए' षो"ऽग्निः.
ए' तस्या' ग्नेरन' तिदाहाय. न पु' ष्करप' र्णानि' हिर' ण्य' ंवाऽधि' तिष्ठे"त्.
ए' तस्या' ग्नेरन' भ्यारोहाय. न कूर्म' स्याश्नी' यात्.
नोद' कस्या' घातु' का' न्येन' मोद' कानि' भवन्ति. अ' घातु' का' आप' ः.
य ए' तम' ग्निञ्चि' नु' ते. य उ' चैनमे' वं वेद' .. ११३ ..
इ' मानु' क' ं भु' वना सीषधेम. इन्द्र' श्च' विश्वे' च दे' वाः.
य' ज्ञश्च' नस्त' न्वञ्च' प्र' जाञ्च' . आ' दि' त्यैरिन्द्र' स्स्स' ह सी' षधातु.
आ' दि' त्यैरिन्द्र' स्सग' णो म' रुद्भि' ः. अ' स्माक' ं भूत्ववि' ता त' नूना"म्.
आप्ल' वस्व' प्रप्ल' वस्व. आ' ण्डीभ' वज' मा मु' हुः.
सुखादीन्दु' ःखनि' धनाम्. प्रति' मुञ्चस्व' स्वां पु' रम् .. ११४ ..
मरी' चयस्स्वायंभु' वाः. ये श' री' राण्य' कल्पयन्न्.
ते ते' दे' हङ्क' ल्पयन्तु. मा च' ते' ख्यास्म' तीरिषत्.
उत्ति' ष्ठत' मा स्व' प्त. अ' ग्निमि' च्छध्व' ं भार' ताः.
राज्ञ' स्सोमस्य तृ' प्तास' ः. सूर्ये' ण स' युजो' षसः.
युवा' सु' वासा"ः. अ' ष्टाच' क्रा' नव' द्वारा .. ११५ ..
दे' वाना' ं पूर' यो' ध्या. तस्याँ' हिरण्म' यः को' शः.
स्व' र्गो लो' को ज्योति' षाऽऽचृ' तः. यो वै ता"ं ब्रह्म' णो वे' द.
अ' मृते' नाऽऽवृ' तां पु' रीम्. तस्मै" ब्रह्म च' ब्रह्मा' च.
आ' युः कीर्ति' ं प्र' जान्द' दुः. वि' भ्राज' माना' ँ' हरि' णीम्.
य' शसा' संप' रीवृ' ताम्. पुरँ' हिरण्मयीं ब्र' ह्मा .. ११६ ..
वि' वेशा' ऽप' राजि' ता. पराङ्गेत्य' ज्याम' यी.
पराङ्गेत्य' नाश' की. इ' हचा' मुत्र' चान्वे' ति.
वि' द्वान्दे' वासु' रानु' भ' यान्. यत्कु' मा' री म' न्द्रय' ते.
य' द्यो' षद्यत्प' ति' व्रता". अरि' ष्ट' ं यत्किंच' क्रि' यते".
अ' ग्निस्तदनु' वेधति. अ' शृता' सश्शृ' तास' श्च .. ११७ ..
य' ज्वानो' येऽप्य' य' ज्वन' ः. स्व' र्यन्तो' नापे"क्षन्ते.
इन्द्र' म' ग्निश्च' ये वि' दुः. सिक' ता इव स' ंयन्ति' .
र' श्मिभि' स्समु' दीरि' ताः. अ' स्माल्लो' काद' मुष्मा' च्च.
ऋ' षिभि' रदात्पृ' श्निभि' .
अपे' त' वीत' वि च' सर्प' तात' ः येऽत्र' स्थ पु' रा' णा ये च' नूत' नाः.
अहो' भिर' द्भिर' क्तुभि' व्य' क्तम् .. ११८ ..
य' मो द' दात्वव' सान' मस्मै. नृ मु' णन्तु नृपा' त्वर्य' ः.
अ' कृ' ष्टा ये च' कृष्ट' जाः. कु' मारी' षु क' नीनी' षु.
जा' रिणी' षु च' ये हि' ताः. रेत' ःपीता' आण्ड' पीताः.
अङ्गा' रेषु च' ये हु' ताः. उ' भया"न् पुत्र' पौत्र' कान्.
यु' वे' ऽहं य' मराज' गान्. श' तमिन्नु श' रद' ः .. ११९ ..
अदो' यद्ब्रह्म' विल' बम्. पि' तृ' णाञ्च' य' मस्य' च.
वरु' ण' स्याश्वि' नोर' ग्नेः. म' रुता"ञ्च वि' हाय' साम्.
का' म' प्र' यव' णं मे अस्तु. स ह्ये' वास्मि' स' नात' नः.
इति नाको ब्रह्मिश्रवो' रायो' धनम्. पु' त्रानापो' दे' वीरि' हाऽऽहि' त .. १२० ..
विशी"र्ष्णी' ङ्गृध्र' शीर्ष्णीञ्च. अपेतो' निरृ' तिँह' थः.
परिबाधँश्वे' तकु' क्षम्. निजङ्घँ' शब' लोद' रम्.
स' तान् वा' च्याय' या स' ह. अग्ने' नाश' य स' न्दृश' ः.
ई' र्ष्या' सू' ये बु' भु' क्षाम्. म' न्युं कृ' त्यां च' दीधिरे.
रथे' न किँशु' काव' ता. अग्ने' नाश' य स' न्दृश' ः .. १२१ ..
प' र्जन्या' य' प्रगा' यत. दि' वस्पु' त्राय' मी' ढुषे".
स नो' य' वस' मिच्छतु.इ' दं वच' ः प' र्जन्या' य स्व' राजे".
हृ' दो अ' स्त्वन्त' र' न्तद्यु' योत. म' यो' भूर्वातो' वि' श्वकृ' ष्टयस्सन्त्व' स्मे.
सु' पि' प्प' ला ओष' धीर्दे' वगो' पाः. यो गर्भ' मोष' धीनम्.
गवा"ङ्कृ' णोत्यर्व' ताम्. प' र्जन्य' ः पुरू' षीणा"म् .. १२२ ..
पुन' र्मामैत्विन्द्रि' यम्. पुन' रायु' ः पुन' र्भग' ः.
पुन' र्ब्राह्म' णमैतु मा. पुन' र्द्रवि' णमैतु मा.
यन्मे' ऽद्य रेत' ः पृथि' वीमस्कान्' . यदोष' धीर' प्यस' र' द्यदाप' ः.
इ' दन्तत्पुन' राद' दे. दी' र्घा' यु' त्वाय' वर्च' से.
यन्मे' रेत' ः प्रसि' च्यते. यन्म' आजा' यते' पुन' ः.
तेन' माम' मृत' ं कुरु. तेन' सुप्र' जस' ङ्कुरु .. १२३ ..
अ' द्भ्यस्तिरो' धाऽजा' यत. तव' वैश्रव' णस्स' दा.
तिरो' धेहि सप' त्नान्न' ः. ये अपो' ऽश्नन्ति' केच' न.
त्वा' ष्ट्रीं मा' यां वै"श्रव' णः. रथँ' सहस्र' वन्धु' रम्.
पु' रु' श्च' क्रँसह' स्राश्वम्. आस्था' याया' हि नो ब' लिम्.
यस्मै' भू' तानि' ब' लिमाव' हन्ति. धन' ङ्गावो' हस्ति' हिर' ण्य' मश्वान्' .. १२४ ..
असा' म सुम' तौ य' ज्ञिय' स्य. श्रिय' ं बिभ्र' तिऽन्न' मुखीं वि' राजम्".
सु' द' र्श' ने च' क्रो' ञ्चे च' . मै' ना' गे च' म' हागि' रौ.
श' तद्वा' ट्टार' गम' न्ता. स' ँ' हार्य' न्नग' र' ं तव' .
इति मन्त्रा"ः. कल्पो' ऽत ऊ' र्ध्वम्. यदि' बलि' ँ' हरे"त्.
हि' र' ण्य' ना' भये' वितु' दये' कौबे' राया' यं ब' लिः .. १२५ ..
सर्वभूतधिपतये न' म इ' ति. अथ बलिँहृत्वोप' तिष्ठे' त.
क्ष' त्रं क्ष' त्रं वै"श्रव' णः. ब्राह्मणा' वय' ँ' स्मः.
नम' स्ते अस्तु' मा मा' हिँसीः. अस्मात्प्रविश्यान्न' मद्धी' ति.
अथ तमग्निमा' दधी' त. यस्मिन्नेतत्कर्म प्र' युञ्जी' त.
ति' रोधा' भूः. ति' रोधा' भुवः .. १२६ ..
ति' रोधा' स्स्व' ः. ति' रोधा' भूर्भुव' स्स्व' ः.
सर्वेषां लोकानामाधिपत्ये' सीदे' ति. अथ तमग्नि' मिन्धी' त.
यस्मिन्नेतत्कर्म प्र' युञ्जी' त. ति' रोधा' भूस्स्वाहा".
ति' रोधा' भुव' स्स्वाहा". ति' रोधा' स्स्व' स्स्वाहा".
ति' रोधा' भूर्भुव' स्स्व' स्स्वाहा".
यमिन्नस्य काले सर्वा आहुतीर् हुता' भवे' युः .. १२७ ..
अपि ब्राह्मण' मुखी' नाः. तस्मिन्नह्नः काले प्र' युन्ञ्जी' त.
पर' स्सु' प्तज' नाद्वे' पि. मास्म प्रमाद्यन्त' माध्या' पयेत्.
सर्वार्था"स्सिद्ध्य' न्ते. य ए' वं वे' द.
क्षुध्यन्निद' मजा' नताम्. सर्वार्था न' सिद्ध्य' न्ते.
यस्ते' वि' घातु' को भ्रा' ता. ममान्तर्हृ' दये' श्रितः .. १२८ ..
तस्मा' इ' ममग्र' पिण्ड' ञ्जुहोमि. स मे"ऽर्था' न्मा विव' धीत्.
मयि' स्वाहा". रा' जा' धि' रा' जाय' प्रसह्यसा' हिने".
नमो' व' यं वै"श्रव' णाय' कुर्महे. स मे' कामा' न्काम' कामा' य' मह्यम्".
का' मे' श्व' रो वै"श्रव' णो द' दातु. कु' बे' राय' वैश्रव' णाय' .
म' हा' रा' जाय' नम' ः. के' तवो' अरु' णासश्च.
ऋ' ष' यो वात' रश' नाः. प्र' ति' ष्ठाँश' तधा' हि.
स' माहि' तासो सहस्र' धाय' सम्. शि' वान' श्शन्त' मा भवन्तु.
दि' व्या आप' ओष' धयः. सु' मृ' डी' का सर' स्वति.
मा ते' व्यो' म स' न्दृशि' .. १२९ ..
संवत्सरमेत' द् व्रत' ं चरेत्. द्वौ' वा मा' सौ.
नियमस्स' मासे' न. तस्मिन्नियम' विशे' षाः.
त्रिषवणमुदको' पस्प' र्शी. चतुर्थकालपान' भक्त' स्स्यात्.
अहरहर्वा भैक्ष' मश्नी' यात्. औदुंबरीभिस्समिद्भिरग्नि' ं परि' चरेत्.
पुनर्मामैत्त्विन्द्रियनित्येतेनाऽनु' वाके' न. उद्धृतपरिपूताभिरद्भिः कार्य' ं कुर्वी' त .. १३० ..
अ' सञ्च' यवान्. अग्नये वायवे' सूर्या' य.
ब्रह्मणे प्र' जाप' तये. चन्द्रमसे न' क्षत्रे' भ्यः.
ऋतुभ्यस्स' ंवत्सरा' य. वरुणायारुणायेति व्र' तहो' माः.
प्र' व' र्ग्यव' दादे' शः. अरुणाः का"ण्डऋ' षयः.
अरण्ये' ऽधीयी' रन्न्. भद्रङ्कर्णेभिरिति द्वे' जपि' त्वा .. १३१ ..
महानाम्नीभिरुदकँ स' ँस्प' र्श्य. तमाचा"र्यो द' द्यात्.
शिवानश्शन्तमेत्योषधी' राल' भते. सुमृडीके' ति भू' मिम्.
एवम' पव' र्गे. धे' नुर्द' क्षिणा. कँसं वास' श्च क्षौ' मम्.
अन्य' द्वा शु' क्लम्. य' थाश' क्ति वा. एवँस्वाध्याय' धर्मे' ण.
अरण्ये' ऽधीयी' त. तपस्वी पुण्यो भवति तपस्वी पु' ण्यो भ' वति .. १३२ ..
ॐ भ' द्रङ्कर्णे' भिः शृणु' याम' देवाः. भ' द्रं प' श्येमा' क्षभि' र्यज' त्राः.
स्थि' रैरङ्गै"स्तुष्टु' वाँस' स्त' नूभि' ः. व्यशे' म दे' वहि' त' ं यदायु' ः.
स्व' स्ति न' इन्द्रो' वृ' द्धश्र' वाः. स्व' स्ति न' ः पू' षा वि' श्ववे' दाः.
स्व' स्ति न' स्तार्क्ष्यो' अरि' ष्टनेमिः. स्व' स्ति नो' बृह' स्पति' र्दधातु .. १३३ ..
.. ॐ शान्ति' ः शान्ति' ः शान्ति' ः ..
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