.. श्री पार्वती सहस्रनाम स्तोत्रम् ..
हिमवानुवाच .
का त्वं देवि विशालाक्षि शशाङ्कावयवाङ्किते .
न जाने त्वामहं वत्से यथावद् ब्रूहि पृच्छते .. १..
गिरीन्द्रवचनं श्रुत्वा ततः सा परमेश्वरी .
व्याजहार महाशैलं योगिनामभयप्रदा .. २..
देव्युवाच .
मां विद्धि परमां शक्तिं परमेश्वरसमाश्रयाम् .
अनन्यामव्ययामेकां यां पश्यन्ति मुमुक्षवः .. ३..
अहं वै सर्वभावानामात्मा सर्वान्तरा शिवा .
शाश्वतैश्वर्यविज्ञानमूर्तिः सर्वप्रवर्तिका .. ४..
अनन्ताऽनन्तमहिमा संसारार्णवतारिणी .
दिव्यं ददामि ते चक्षुः पश्य मे रूपमैश्वरम् .. ५..
एतावदुक्त्वा विज्ञानं दत्त्वा हिमवते स्वयम् .
स्वं रूपं दर्शयामास दिव्यं तत् पारमेश्वरम् .. ६..
कोटिसूर्यप्रतीकाशं तेजोबिम्बं निराकुलम् .
ज्वालामालासहस्राढ्यं कालानलशतोपमम् .. ७..
दंष्ट्राकरालं दुर्द्धर्षं जटामण्डलमण्डितम् .
त्रिशूलवरहस्तं च घोररूपं भयानकम् .. ८..
प्रशान्तं सौम्यवदनमनन्ताश्चर्यसंयुतम् .
चन्द्रावयवलक्ष्माणं चन्द्रकोटिसमप्रभम् .. ९..
किरीटिनं गदाहस्तं नूपुरैरुपशोभितम् .
दिव्यमाल्याम्बरधरं दिव्यगन्धानुलेपनम् .. १०..
शङ्खचक्रधरं काम्यं त्रिनेत्रं कृत्तिवाससम् .
अण्डस्थं चाण्डबाह्यस्थं बाह्यमाभ्यन्तरं परम् .. ११..
सर्वशक्तिमयं शुभ्रं सर्वाकारं सनातनम् .
ब्रह्मेन्द्रोपेन्द्रयोगीन्द्रैर्वन्द्यमानपदाम्बुजम् .. १२..
सर्वतः पाणिपादान्तं सर्वतोऽक्षिशिरोमुखम् .
सर्वमावृत्य तिष्ठन्तं ददर्श परमेश्वरम् .. १३..
दृष्ट्वा तदीदृशं रूपं देव्या माहेश्वरं परम् .
भयेन च समाविष्टः स राजा हृष्टमानसः .. १४..
आत्मन्याधाय चात्मानमोङ्कारं समनुस्मरन् .
नाम्नामष्टसहस्रेण तुष्टाव परमेश्वरीम् .. १५..
हिमवानुवाच .
शिवोमा परमा शक्तिरनन्ता निष्कलाऽमला .
शान्ता माहेश्वरी नित्या शाश्वती परमाक्षरा .. १..
अचिन्त्या केवलाऽनन्त्या शिवात्मा परमात्मिका .
अनादिरव्यया शुद्धा देवात्मा सर्वगाऽचला .. २..
एकानेकविभागस्था मायातीता सुनिर्मला .
महामाहेश्वरी सत्या महादेवी निरञ्जना .. ३..
काष्ठा सर्वान्तरस्था च चिच्छक्तिरतिलालसा .
नन्दा सर्वात्मिका विद्या ज्योतीरूपाऽमृताक्षरा .. ४..
शान्तिः प्रतिष्ठा सर्वेषां निवृत्तिरमृतप्रदा .
व्योममूर्त्तिर्व्योमलया व्योमाधाराऽच्युताऽमरा .. ५..
अनादिनिधनाऽमोघा कारणात्मा कलाऽकला .
क्रतुः प्रथमजा नाभिरमृतस्यात्मसंश्रया .. ६..
प्राणेश्वरप्रिया माता महामहिषघातिनी .
प्राणेश्वरी प्राणरूपा प्रधानपुरुषेश्वरी .. ७..
सर्वशक्तिकलाकारा ज्योत्स्ना द्यौर्महिमास्पदा .
सर्वकार्यनियन्त्री च सर्वभूतेश्वरेश्वरी .. ८..
अनादिरव्यक्तगुहा महानन्दा सनातनी .
आकाशयोनिर्योगस्था महायोगेश्वरेश्वरी .. ९..
महामाया सुदुष्पूरा मूलप्रकृतिरीश्वरी .
संसारयोनिः सकला सर्वशक्तिसमुद्भवा .. १०..
संसारपारा दुर्वारा दुर्निरीक्ष्या दुरासदा .
प्राणशक्तिः प्राणविद्या योगिनी परमा कला .. ११..
महाविभूतिर्दुर्द्धर्षा मूलप्रकृतिसंभवा .
अनाद्यनन्तविभवा परार्था पुरुषारणिः .. १२..
सर्गस्थित्यन्तकरणी सुदुर्वाच्या दुरत्यया .
शब्दयोनिः शब्दमयी नादाख्या नादविग्रहा .. १३..
प्रधानपुरुषातीता प्रधानपुरुषात्मिका .
पुराणी चिन्मयी पुंसामादिः पुरुषरूपिणी .. १४..
भूतान्तरात्मा कूटस्था महापुरुषसंज्ञिता .
जन्ममृत्युजरातीता सर्वशक्तिसमन्विता .. १५..
व्यापिनी चानवच्छिन्ना प्रधानानुप्रवेशिनी .
क्षेत्रज्ञशक्तिरव्यक्तलक्षणा मलवर्जिता .. १६..
अनादिमायासंभिन्ना त्रितत्त्वा प्रकृतिर्गुहा .
महामायासमुत्पन्ना तामसी पौरुषी ध्रुवा .. १७..
व्यक्ताव्यक्तात्मिका कृष्णा रक्ता शुक्ला प्रसूतिका .
अकार्या कार्यजननी नित्यं प्रसवधर्मिणी .. १८..
सर्गप्रलयनिर्मुक्ता सृष्टिस्थित्यन्तधर्मिणी .
ब्रह्मगर्भा चतुर्विंशा पद्मनाभाऽच्युतात्मिका .. १९..
वैद्युती शाश्वती योनिर्जगन्मातेश्वरप्रिया .
सर्वाधारा महारूपा सर्वैश्वर्यसमन्विता .. २०..
विश्वरूपा महागर्भा विश्वेशेच्छानुवर्तिनी .
महीयसी ब्रह्मयोनिर्महालक्ष्मीसमुद्भवा .. २१..
महाविमानमध्यस्था महानिद्रात्महेतुका .
सर्वसाधारणी सूक्ष्मा ह्यविद्या पारमार्थिका .. २२..
अनन्तरूपाऽनन्तस्था देवी पुरुषमोहिनी .
अनेकाकारसंस्थाना कालत्रयविवर्जिता .. २३..
ब्रह्मजन्मा हरेर्मूर्तिर्ब्रह्मविष्णुशिवात्मिका .
ब्रह्मेशविष्णुजननी ब्रह्माख्या ब्रह्मसंश्रया .. २४..
व्यक्ता प्रथमजा ब्राह्मी महती ज्ञानरूपिणी .
वैराग्यैश्वर्यधर्मात्मा ब्रह्ममूर्तिर्हृदिस्थिता .
अपांयोनिः स्वयंभूतिर्मानसी तत्त्वसंभवा .. २५..
ईश्वराणी च शर्वाणी शंकरार्द्धशरीरिणी .
भवानी चैव रुद्राणी महालक्ष्मीरथाम्बिका .. २६..
महेश्वरसमुत्पन्ना भुक्तिमुक्तिफलप्रदा .
सर्वेश्वरी सर्ववन्द्या नित्यं मुदितमानसा .. २७..
ब्रह्मेन्द्रोपेन्द्रनमिता शंकरेच्छानुवर्तिनी .
ईश्वरार्द्धासनगता महेश्वरपतिव्रता .. २८..
सकृद्विभाविता सर्वा समुद्रपरिशोषिणी .
पार्वती हिमवत्पुत्री परमानन्ददायिनी .. २९..
गुणाढ्या योगजा योग्या ज्ञानमूर्तिर्विकासिनी .
सावित्री कमला लक्ष्मीः श्रीरनन्तोरसि स्थिता .. ३०..
सरोजनिलया मुद्रा योगनिद्रा सुरार्दिनी .
सरस्वती सर्वविद्या जगज्ज्येष्ठा सुमङ्गला .. ३१..
वाग्देवी वरदा वाच्या कीर्तिः सर्वार्थसाधिका .
योगीश्वरी ब्रह्मविद्या महाविद्या सुशोभना .. ३२..
गुह्यविद्यात्मविद्या च धर्मविद्यात्मभाविता .
स्वाहा विश्वंभरा सिद्धिः स्वधा मेधा धृतिः श्रुतिः .. ३३..
नीतिः सुनीतिः सुकृतिर्माधवी नरवाहिनी .
अजा विभावरी सौम्या भोगिनी भोगदायिनी .. ३४..
शोभा वंशकरी लोला मालिनी परमेष्ठिनी .
त्रैलोक्यसुन्दरी रम्या सुन्दरी कामचारिणी .. ३५..
महानुभावा सत्त्वस्था महामहिषमर्दनी .
पद्ममाला पापहरा विचित्रा मुकुटानना .. ३६..
कान्ता चित्राम्बरधरा दिव्याभरणभूषिता .
हंसाख्या व्योमनिलया जगत्सृष्टिविवर्द्धिनी .. ३७..
निर्यन्त्रा यन्त्रवाहस्था नन्दिनी भद्रकालिका .
आदित्यवर्णा कौमारी मयूरवरवाहिनी .. ३८..
वृषासनगता गौरी महाकाली सुरार्चिता .
अदितिर्नियता रौद्री पद्मगर्भा विवाहना .. ३९..
विरूपाक्षी लेलिहाना महापुरनिवासिनी .
महाफलाऽनवद्याङ्गी कामपूरा विभावरी .. ४०..
विचित्ररत्नमुकुटा प्रणतार्तिप्रभञ्जनी .
कौशिकी कर्षणी रात्रिस्त्रिदशार्त्तिविनाशिनी .. ४१..
बहुरूपा सुरूपा च विरूपा रूपवर्जिता .
भक्तार्तिशमनी भव्या भवभावविनाशिनी .. ४२..
निर्गुणा नित्यविभवा निःसारा निरपत्रपा .
यशस्विनी सामगीतिर्भवाङ्गनिलयालया .. ४३..
दीक्षा विद्याधरी दीप्ता महेन्द्रविनिपातिनी .
सर्वातिशायिनी विद्या सर्वसिद्धिप्रदायिनी .. ४४..
सर्वेश्वरप्रिया तार्क्ष्या समुद्रान्तरवासिनी .
अकलङ्का निराधारा नित्यसिद्धा निरामया .. ४५..
कामधेनुर्बृहद्गर्भा धीमती मोहनाशिनी .
निःसङ्कल्पा निरातङ्का विनया विनयप्रदा .. ४६..
ज्वालामाला सहस्राढ्या देवदेवी मनोन्मनी .
महाभगवती दुर्गा वासुदेवसमुद्भवा .. ४७..
महेन्द्रोपेन्द्रभगिनी भक्तिगम्या परावरा .
ज्ञानज्ञेया जरातीता वेदान्तविषया गतिः .. ४८..
दक्षिणा दहना दाह्या सर्वभूतनमस्कृता .
योगमाया विभावज्ञा महामाया महीयसी .. ४९..
संध्या सर्वसमुद्भूतिर्ब्रह्मवृक्षाश्रयानतिः .
बीजाङ्कुरसमुद्भूतिर्महाशक्तिर्महामतिः .. ५०..
ख्यातिः प्रज्ञा चितिः संवित् महाभोगीन्द्रशायिनी .
विकृतिः शांकरी शास्त्री गणगन्धर्वसेविता .. ५१..
वैश्वानरी महाशाला देवसेना गुहप्रिया .
महारात्रिः शिवानन्दा शची दुःस्वप्ननाशिनी .. ५२..
इज्या पूज्या जगद्धात्री दुर्विज्ञेया सुरूपिणी .
गुहाम्बिका गुणोत्पत्तिर्महापीठा मरुत्सुता .. ५३..
हव्यवाहान्तरागादिः हव्यवाहसमुद्भवा .
जगद्योनिर्जगन्माता जन्ममृत्युजरातिगा .. ५४..
बुद्धिमाता बुद्धिमती पुरुषान्तरवासिनी .
तरस्विनी समाधिस्था त्रिनेत्रा दिवि संस्थिता .. ५५..
सर्वेन्द्रियमनोमाता सर्वभूतहृदि स्थिता .
संसारतारिणी विद्या ब्रह्मवादिमनोलया .. ५६..
ब्रह्माणी बृहती ब्राह्मी ब्रह्मभूता भवारणिः .
हिरण्मयी महारात्रिः संसारपरिवर्त्तिका .. ५७..
सुमालिनी सुरूपा च भाविनी तारिणी प्रभा .
उन्मीलनी सर्वसहा सर्वप्रत्ययसाक्षिणी .. ५८..
सुसौम्या चन्द्रवदना ताण्डवासक्तमानसा .
सत्त्वशुद्धिकरी शुद्धिर्मलत्रयविनाशिनी .. ५९..
जगत्प्रिया जगन्मूर्तिस्त्रिमूर्तिरमृताश्रया .
निराश्रया निराहारा निरङ्कुरवनोद्भवा .. ६०..
चन्द्रहस्ता विचित्राङ्गी स्रग्विणी पद्मधारिणी .
परावरविधानज्ञा महापुरुषपूर्वजा .. ६१..
विद्येश्वरप्रिया विद्या विद्युज्जिह्वा जितश्रमा .
विद्यामयी सहस्राक्षी सहस्रवदनात्मजा .. ६२..
सहस्ररश्मिः सत्त्वस्था महेश्वरपदाश्रया .
क्षालिनी सन्मयी व्याप्ता तैजसी पद्मबोधिका .. ६३..
महामायाश्रया मान्या महादेवमनोरमा .
व्योमलक्ष्मीः सिंहरथा चेकितानाऽमितप्रभा .. ६४..
वीरेश्वरी विमानस्था विशोका शोकनाशिनी .
अनाहता कुण्डलिनी नलिनी पद्मवासिनी .. ६५..
सदानन्दा सदाकीर्तिः सर्वभूताश्रयस्थिता .
वाग्देवता ब्रह्मकला कलातीता कलारणिः .. ६६..
ब्रह्मश्रीर्ब्रह्महृदया ब्रह्मविष्णुशिवप्रिया .
व्योमशक्तिः क्रियाशक्तिर्ज्ञानशक्तिः परागतिः .. ६७..
क्षोभिका बन्धिका भेद्या भेदाभेदविवर्जिता .
अभिन्नाभिन्नसंस्थाना वंशिनी वंशहारिणी .. ६८..
गुह्यशक्तिर्गुणातीता सर्वदा सर्वतोमुखी .
भगिनी भगवत्पत्नी सकला कालकारिणी .. ६९..
सर्ववित् सर्वतोभद्रा गुह्यातीता गुहारणिः .
प्रक्रिया योगमाता च गङ्गा विश्वेश्वरेश्वरी .. ७०..
कपिला कापिला कान्ता कनकाभा कलान्तरा .
पुण्या पुष्करिणी भोक्त्री पुरंदरपुरस्सरा .. ७१..
पोषणी परमैश्वर्यभूतिदा भूतिभूषणा .
पञ्चब्रह्मसमुत्पत्तिः परमार्थार्थविग्रहा .. ७२..
धर्मोदया भानुमती योगिज्ञेया मनोजवा .
मनोहरा मनोरक्षा तापसी वेदरूपिणी .. ७३..
वेदशक्तिर्वेदमाता वेदविद्याप्रकाशिनी .
योगेश्वरेश्वरी माता महाशक्तिर्मनोमयी .. ७४..
विश्वावस्था वियन्मूर्त्तिर्विद्युन्माला विहायसी .
किंनरी सुरभी वन्द्या नन्दिनी नन्दिवल्लभा .. ७५..
भारती परमानन्दा परापरविभेदिका .
सर्वप्रहरणोपेता काम्या कामेश्वरेश्वरी .. ७६..
अचिन्त्याऽचिन्त्यविभवा हृल्लेखा कनकप्रभा .
कूष्माण्डी धनरत्नाढ्या सुगन्धा गन्धदायिनी .. ७७..
त्रिविक्रमपदोद्भूता धनुष्पाणिः शिवोदया .
सुदुर्लभा धनाध्यक्षा धन्या पिङ्गललोचना .. ७८..
शान्तिः प्रभावती दीप्तिः पङ्कजायतलोचना .
आद्या हृत्कमलोद्भूता गवां माता रणप्रिया .. ७९..
सत्क्रिया गिरिजा शुद्धा नित्यपुष्टा निरन्तरा .
दुर्गाकात्यायनी चण्डी चर्चिका शान्तविग्रहा .. ८०..
हिरण्यवर्णा रजनी जगद्यन्त्रप्रवर्तिका .
मन्दराद्रिनिवासा च शारदा स्वर्णमालिनी .. ८१..
रत्नमाला रत्नगर्भा पृथ्वी विश्वप्रमाथिनी .
पद्मानना पद्मनिभा नित्यतुष्टाऽमृतोद्भवा .. ८२..
धुन्वती दुःप्रकम्प्या च सूर्यमाता दृषद्वती .
महेन्द्रभगिनी मान्या वरेण्या वरदर्पिता .. ८३..
कल्याणी कमला रामा पञ्चभूता वरप्रदा .
वाच्या वरेश्वरी वन्द्या दुर्जया दुरतिक्रमा .. ८४..
कालरात्रिर्महावेगा वीरभद्रप्रिया हिता .
भद्रकाली जगन्माता भक्तानां भद्रदायिनी .. ८५..
कराला पिङ्गलाकारा नामभेदाऽमहामदा .
यशस्विनी यशोदा च षडध्वपरिवर्त्तिका .. ८६..
शङ्खिनी पद्मिनी सांख्या सांख्ययोगप्रवर्तिका .
चैत्रा संवत्सरारूढा जगत्संपूरणीन्द्रजा .. ८७..
शुम्भारिः खेचरी स्वस्था कम्बुग्रीवा कलिप्रिया .
खगध्वजा खगारूढा परार्ध्या परमालिनी .. ८८..
ऐश्वर्यवर्त्मनिलया विरक्ता गरुडासना .
जयन्ती हृद्गुहा रम्या गह्वरेष्ठा गणाग्रणीः .. ८९..
संकल्पसिद्धा साम्यस्था सर्वविज्ञानदायिनी .
कलिकल्मषहन्त्री च गुह्योपनिषदुत्तमा .. ९०..
निष्ठा दृष्टिः स्मृतिर्व्याप्तिः पुष्टिस्तुष्टिः क्रियावती .
विश्वामरेश्वरेशाना भुक्तिर्मुक्तिः शिवाऽमृता .. ९१..
लोहिता सर्पमाला च भीषणी वनमालिनी .
अनन्तशयनाऽनन्या नरनारायणोद्भवा .. ९२..
नृसिंही दैत्यमथनी शङ्खचक्रगदाधरा .
संकर्षणसमुत्पत्तिरम्बिकापादसंश्रया .. ९३..
महाज्वाला महामूर्त्तिः सुमूर्त्तिः सर्वकामधुक् .
सुप्रभा सुस्तना गौरी धर्मकामार्थमोक्षदा .. ९४..
भ्रूमध्यनिलया पूर्वा पुराणपुरुषारणिः .
महाविभूतिदा मध्या सरोजनयना समा .. ९५..
अष्टादशभुजाऽनाद्या नीलोत्पलदलप्रभा .
सर्वशक्त्यासनारूढा धर्माधर्मार्थवर्जिता .. ९६..
वैराग्यज्ञाननिरता निरालोका निरिन्द्रिया .
विचित्रगहनाधारा शाश्वतस्थानवासिनी .. ९७..
स्थानेश्वरी निरानन्दा त्रिशूलवरधारिणी .
अशेषदेवतामूर्त्तिर्देवता वरदेवता .
गणाम्बिका गिरेः पुत्री निशुम्भविनिपातिनी .. ९८..
अवर्णा वर्णरहिता निवर्णा बीजसंभवा .
अनन्तवर्णाऽनन्यस्था शंकरी शान्तमानसा .. ९९..
अगोत्रा गोमती गोप्त्री गुह्यरूपा गुणोत्तरा .
गौर्गीर्गव्यप्रिया गौणी गणेश्वरनमस्कृता .. १००..
सत्यमात्रा सत्यसंधा त्रिसंध्या संधिवर्जिता .
सर्ववादाश्रया संख्या सांख्ययोगसमुद्भवा .. १०१..
असंख्येयाऽप्रमेयाख्या शून्या शुद्धकुलोद्भवा .
बिन्दुनादसमुत्पत्तिः शंभुवामा शशिप्रभा .. १०२..
विसङ्गा भेदरहिता मनोज्ञा मधुसूदनी .
महाश्रीः श्रीसमुत्पत्तिस्तमःपारे प्रतिष्ठिता .. १०३..
त्रितत्त्वमाता त्रिविधा सुसूक्ष्मपदसंश्रया .
शान्त्यतीता मलातीता निर्विकारा निराश्रया .. १०४..
शिवाख्या चित्तनिलया शिवज्ञानस्वरूपिणी .
दैत्यदानवनिर्मात्री काश्यपी कालकल्पिका .. १०५..
शास्त्रयोनिः क्रियामूर्तिश्चतुर्वर्गप्रदर्शिका .
नारायणी नरोद्भूतिः कौमुदी लिङ्गधारिणी .. १०६..
कामुकी ललिता भावा परापरविभूतिदा .
परान्तजातमहिमा बडवा वामलोचना .. १०७..
सुभद्रा देवकी सीता वेदवेदाङ्गपारगा .
मनस्विनी मन्युमाता महामन्युसमुद्भवा .. १०८..
अमृत्युरमृता स्वाहा पुरुहूता पुरुष्टुता .
अशोच्या भिन्नविषया हिरण्यरजतप्रिया .. १०९..
हिरण्या राजती हैमी हेमाभरणभूषिता .
विभ्राजमाना दुर्ज्ञेया ज्योतिष्टोमफलप्रदा .. ११०..
महानिद्रासमुद्भूतिरनिद्रा सत्यदेवता .
दीर्घा ककुद्मिनी हृद्या शान्तिदा शान्तिवर्द्धिनी .. १११..
लक्ष्म्यादिशक्तिजननी शक्तिचक्रप्रवर्तिका .
त्रिशक्तिजननी जन्या षडूर्मिपरिवर्जिता .. ११२..
सुधामा कर्मकरणी युगान्तदहनात्मिका .
संकर्षणी जगद्धात्री कामयोनिः किरीटिनी .. ११३..
ऐन्द्री त्रैलोक्यनमिता वैष्णवी परमेश्वरी .
प्रद्युम्नदयिता दान्ता युग्मदृष्टिस्त्रिलोचना .. ११४..
मदोत्कटा हंसगतिः प्रचण्डा चण्डविक्रमा .
वृषावेशा वियन्माता विन्ध्यपर्वतवासिनी .. ११५..
हिमवन्मेरुनिलया कैलासगिरिवासिनी .
चाणूरहन्तृतनया नीतिज्ञा कामरूपिणी .. ११६..
वेदविद्याव्रतस्नाता धर्मशीलाऽनिलाशना .
वीरभद्रप्रिया वीरा महाकालसमुद्भवा .. ११७..
विद्याधरप्रिया सिद्धा विद्याधरनिराकृतिः .
आप्यायनी हरन्ती च पावनी पोषणी खिला .. ११८..
मातृका मन्मथोद्भूता वारिजा वाहनप्रिया .
करीषिणी सुधावाणी वीणावादनतत्परा .. ११९..
सेविता सेविका सेव्या सिनीवाली गुरुत्मती .
अरुन्धती हिरण्याक्षी मृगाङ्का मानदायिनी .. १२०..
वसुप्रदा वसुमती वसोर्द्धारा वसुंधरा .
धाराधरा वरारोहा वरावरसहस्रदा .. १२१..
श्रीफला श्रीमती श्रीशा श्रीनिवासा शिवप्रिया .
श्रीधरा श्रीकरी कल्या श्रीधरार्द्धशरीरिणी .. १२२..
अनन्तदृष्टिरक्षुद्रा धात्रीशा धनदप्रिया .
निहन्त्री दैत्यसङ्घानां सिंहिका सिंहवाहना .. १२३..
सुषेणा चन्द्रनिलया सुकीर्तिश्छिन्नसंशया .
रसज्ञा रसदा रामा लेलिहानाऽमृतस्रवा .. १२४..
नित्योदिता स्वयंज्योतिरुत्सुका मृतजीवनी .
वज्रदण्डा वज्रजिह्वा वैदेही वज्रविग्रहा .. १२५..
मङ्गल्या मङ्गला माला मलिना मलहारिणी .
गान्धर्वी गारुडी चान्द्री कम्बलाश्वतरप्रिया .. १२६..
सौदामिनी जनानन्दा भ्रुकुटीकुटिलानना .
कर्णिकारकरा कक्ष्या कंसप्राणापहारिणी .. १२७..
युगंधरा युगावर्त्ता त्रिसंध्या हर्षवर्द्धनी .
प्रत्यक्षदेवता दिव्या दिव्यगन्धा दिवापरा .. १२८..
शक्रासनगता शाक्री साध्वी नारी शवासना .
इष्टा विशिष्टा शिष्टेष्टा शिष्टाशिष्टप्रपूजिता .. १२९..
शतरूपा शतावर्त्ता विनता सुरभिः सुरा .
सुरेन्द्रमाता सुद्युम्ना सुषुम्ना सूर्यसंस्थिता .. १३०..
समीक्ष्या सत्प्रतिष्ठा च निवृत्तिर्ज्ञानपारगा .
धर्मशास्त्रार्थकुशला धर्मज्ञा धर्मवाहना .. १३१..
धर्माधर्मविनिर्मात्री धार्मिकाणां शिवप्रदा .
धर्मशक्तिर्धर्ममयी विधर्मा विश्वधर्मिणी .. १३२..
धर्मान्तरा धर्ममेघा धर्मपूर्वा धनावहा .
धर्मोपदेष्ट्री धर्मात्मा धर्मगम्या धराधरा .. १३३..
कापाली शाकला मूर्त्तिः कला कलितविग्रहा .
सर्वशक्तिविनिर्मुक्ता सर्वशक्त्याश्रयाश्रया .. १३४..
सर्वा सर्वेश्वरी सूक्ष्मा सुसूक्ष्मा ज्ञानरूपिणी .
प्रधानपुरुषेशेशा महादेवैकसाक्षिणी .
सदाशिवा वियन्मूर्त्तिर्विश्वमूर्त्तिरमूर्त्तिका .. १३५..
एवं नाम्नां सहस्रेण स्तुत्वाऽसौ हिमवान् गिरिः .
भूयः प्रणम्य भीतात्मा प्रोवाचेदं कृताञ्जलिः .. १..
यदेतदैश्वरं रूपं घोरं ते परमेश्वरि .
भीतोऽस्मि साम्प्रतं दृष्ट्वा रूपमन्यत् प्रदर्शय .. २..
एवमुक्ताऽथ सा देवी तेन शैलेन पार्वती .
संहृत्य दर्शयामास स्वरूपमपरं पुनः .. ३..
नीलोत्पलदलप्रख्यं नीलोत्पलसुगन्धिकम् .
द्विनेत्रं द्विभुजं सौम्यं नीलालकविभूषितम् .. ४..
रक्तपादाम्बुजतलं सुरक्तकरपल्लवम् .
श्रीमद् विशालसंवृत्तललाटतिलकोज्ज्वलम् .. ५..
भूषितं चारुसर्वाङ्गं भूषणैरतिकोमलम् .
दधानमुरसा मालां विशालां हेमनिर्मिताम् .. ६..
ईषत्स्मितं सुबिम्बोष्ठं नूपुरारावसंयुतम् .
प्रसन्नवदनं दिव्यमनन्तमहिमास्पदम् .. ७..
तदीदृशं समालोक्य स्वरूपं शैलसत्तमः .
भीतिं संत्यज्य हृष्टात्मा बभाषे परमेश्वरीम् .. ८..
.. इति श्रीकूर्मपुराणे पार्वती सहस्रनाम स्तोत्रम् सम्पूर्णम् ..
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